इजरायल-लेबनान सीजफायर संकट में; 14 की मौत के बाद क्या फिर छिड़ेगी जंग?

Israel-Lebanon Conflict: इजरायल और लेबनान के बीच हुआ शांति समझौता अब टूटने की कगार पर है. सीजफायर के बावजूद दोनों ओर से भीषण गोलीबारी और ड्रोन हमले जारी हैं. नेतन्याहू की सख्त चेतावनी और अमेरिका की दखल के बीच पश्चिम एशिया में फिर से बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा है.

Israel-Lebanon Conflict: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, रविवार (26 अप्रैल) को हुए इजरायली हमलों में कम से कम 14 लोगों की जान चली गई है. इस हमले में 37 लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे और दो महिलाएं भी शामिल हैं. यह हिंसा तब हुई है जब हाल ही में वॉशिंगटन में दोनों देशों के बीच सीजफायर (युद्धविराम) को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाने पर सहमति बनी थी.

आईडीएफ की चेतावनी

इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के प्रवक्ता ने हमले से पहले दक्षिण लेबनान के कई गांवों के लिए ‘इवैक्युएशन वार्निंग’ जारी की थी. सेना ने लोगों से तुरंत जगह खाली करने को कहा था. बाद में आईडीएफ ने बताया कि उन्होंने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर आर्टिलरी और हवाई हमले किए हैं. इजरायल का दावा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल उनके सैनिकों पर हमले के लिए किया जा रहा था.

दोनों तरफ हुआ नुकसान

आईडीएफ के मुताबिक, हिजबुल्लाह के ड्रोन हमले में उनके एक 19 साल के सैनिक की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए. जवाब में हिजबुल्लाह ने इजरायल की तरफ तीन ड्रोन भेजे, जिन्हें इजरायली वायु सेना ने सीमा पार करने से पहले ही मार गिराया.

16 अप्रैल से एक अस्थाई सीजफायर लागू है

इजरायल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल से एक अस्थाई सीजफायर लागू है, जिसे पिछले गुरुवार को तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया गया था. लेबनान सरकार के साथ हुए इस समझौते के तहत इजरायल के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह आत्मरक्षा में किसी भी समय कार्रवाई कर सकता है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैबिनेट मीटिंग में कहा कि हिजबुल्लाह की हरकतें सीजफायर को कमजोर कर रही हैं.

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अमेरिका के साथ तय नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं: नेतन्याहू

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिका के साथ तय नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं. उनके मुताबिक, इजरायल के पास न केवल हमलों का जवाब देने की आजादी है, बल्कि वह आने वाले खतरों को पहले ही खत्म करने का अधिकार भी रखता है. शनिवार को भी नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार हमले के आदेश दिए थे, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी.

इस तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को पाकिस्तान पहुंचे, ताकि वॉशिंगटन के साथ शांति वार्ता शुरू करने का कोई रास्ता निकल सके. दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे सीजफायर को अपनी तरफ से आगे बढ़ा दिया है, जिसकी समय सीमा 22 अप्रैल को खत्म हो रही थी. फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के आरोप लगा रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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