Israel-Hamas war: 250 बंधकों को छुड़ाने का इजरायली सेना का दावा, 60 आतंकी ढेर, देखें दिल दहलाने वाली तस्वीरें

Israel-Hamas war Latest Updates: इजराइल और हमास के बीच युद्ध का आज सातवां दिन है. इजरायल के सुरक्षा बलों की ओर से दावा किया गया है कि लगभग 250 बंधंकों को हमास के चंगुल से जिंदा छुड़ाने का काम किया गया है. जानें अबतक का ताजा अपडेट यहां

Israel-Hamas war Latest Updates: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को कुचलने और तबाह करने की बात कही है. उनके इस प्रण के बाद हमास के हाथों बंधक बनाए गये इजरायली लोगों को छुड़ाने का काम जारी है. इसके लिए इजरायल लगातार दबाव बना रहा है. साथ ही गाजा पट्टी पर बमबारी जारी है.

इस बीच इजरायल के सुरक्षा बलों की ओर से दावा किया गया है कि लगभग 250 बंधंकों को हमास के चंगुल से जिंदा छुड़ाने का काम किया गया है. इजरायल रक्षा बल ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी. एक्स पर दावा किया गया है कि सात अक्टूबर को सूफा सैन्य चौकी पर नियंत्रण हासिल करने के संयुक्त प्रयास में फ्लोटिला 13 स्पेशल यूनिट को गाजा सुरक्षा बाड़ के आसपास के क्षेत्र में तैनात किया गया था. जवानों ने करीब 250 बंधकों को जिंदा बचाने में सफलता पाई है. इस ऑपरेशन में 60 से अधिक हमास आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया है. वहीं 26 आतंकियों को जवानों ने पकड़ लिया है. जो खबर सामने आ रही है उसके अनुसार पकड़े गए आतंकवादियों में हमास दक्षिणी नौसेना डिवीजन के उप कमांडर मुहम्मद अबू अली भी शामिल थे.

युद्ध के छठे दिन गुरुवार को भी इस्राइल और हमास के बीच लड़ाई जारी रही. इस्राइली सेना ने कहा कि वह गाजा में जमीनी अभियान की तैयारी कर रही है, लेकिन इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है. इस बीच, गाजा में बंधक बना कर रखे गये इस्राइली लोगों को छुड़ाने की कोशिशें जारी हैं. ऐसा माना जा रहा है कि कतर, मिस्र समेत अन्य देश गाजा से बंधकों को छुड़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं.

इस्राइल के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जब तक हमारे बंधकों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक गाजा की घेराबंदी जारी रहेगी और पानी-बिजली की आपूर्ति नहीं की जायेगी. वहीं, हमास की क्रूरता भी सामने आयी है. इस्राइली सेना के प्रवक्ता ने दावा किया है कि हमास के आतंकियों ने इस्राइली बच्चों के सिर धड़ से अलग कर दिये हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे ‘यहूदी नरसंहार’ बताया है. कहा कि इसने सदियों तक की यहूदी नरसंहार की दर्दनाक यादों को ताजा कर दिया है.

एक नजर में ये भी जानें

-अब तक दोनों देशों में हजारों मौतें

-इस्राइल ने लोगों से गाजा पट्टी खाली करने को कहा, आसमान से िगरायी पर्ची

-189 इस्राइली सैनिकों सहित 1,300 से अधिक लोग मारे गये

-1,400 फिलीस्तीनी व 1,500 हमास के आतंकवादी मारे गये

-22 अमेरिकी नागरिकों की मौत, 17 की कोई जानकारी नहीं

-3.38 लाख फिलीस्तीनी छोड़े घर 450 बच्चों की अब तक हुई मौत

-जर्मन चांसलर ने चेताया- इस्राइल का झंडा जलाया, तो कार्रवाई

-‘एक्स’ ने हमास से जुड़े सैकड़ों अकाउंट डिलीट किये

-ईरान के राष्ट्रपति और सऊदी के क्राउन प्रिंस ने युद्ध पर की बात

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गुरुवार को तेल अवीव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और युद्ध को लेकर चर्चा की. वह शुक्रवार को फिलीस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और जॉर्डन के शाह अब्दुल्लाह द्वितीय से मुलाकात करेंगे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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