Israel Hamas Conflict: अब गाजा में जमीनी कार्रवाई करेगा इजराइल! उत्तरी इलाके से 11 लाख लोगों को निकलने का आदेश

Israel Hamas Conflict: गाजा के निवासी बिजली आपूर्ति बंद होने और रात अंधेरे में बिताने के बाद किराने की दुकानों पर कतारबद्ध दिखे. इस बीच इजराइल की सेना ने आदेश दिया है कि गाजा में मौजूद फिलिस्तीनियों को अगले 24 घंटों के अंदर एन्क्लेव के दक्षिण में स्थानांतरित किया जाना चाहिए.

Israel Hamas Conflict: इजराइल ने गाजा के उत्तरी इलाके से 11 लाख लोगों को निकलने का आदेश दिया है. इजरायली सेना ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र से कहा कि गाजा में मौजूद फिलिस्तीनियों को अगले 24 घंटों के अंदर एन्क्लेव के दक्षिण में स्थानांतरित किया जाना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने इस बाबत जानकारी दी और बताया कि इजराइल की सेना ने उत्तरी गाजा के 11 लाख लोगों को 24 घंटे के भीतर वहां से चले जाने का निर्देश दिया है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि इस आदेश से ‘विनाशकारी मानवीय परिणाम’ सामने आने का खतरा है. आपको बता दें कि यह आदेश ऐसे वक्त आया है जब इजराइल ने हमास के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई तेज की है. इस आदेश का मतलब यह लगाया जा रहा है कि जमीनी हमले तेज किए जा सकते हैं, हालांकि इजराइल की सेना ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है.

गुरुवार को सेना ने कहा था कि वह जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है लेकिन इस संबंध में फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है. आगे दुजारिक ने कहा कि इजरायली सेना ने संयुक्त राष्ट्र के सभी कर्मचारियों और स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और क्लीनिकों सहित संयुक्त राष्ट्र सुविधाओं में आश्रय प्राप्त लोगों से भी अपील की है कि वे इस इलाके से हट जाएं. इजरायल की ओर से ये सैन्य चेतावनी तब आई जब इजरायल ने गाजा सीमा के पास टैंक जमा कर लिये हैं और घातक हमास आतंकवादी हमले के बाद फिलिस्तीनी क्षेत्र पर हवाई हमले तेज कर दिये हैं.

अबतक क्या हुआ एक नजर में जानें यहां

-अब तक दोनों देशों में हजारों मौतें

-इजराइल ने लोगों से गाजा पट्टी खाली करने को कहा, आसमान से गिरायी पर्ची

-189 इजराइल सैनिकों सहित 1,300 से अधिक लोग मारे गये

-1,400 फिलीस्तीनी व 1,500 हमास के आतंकवादी मारे गये

-22 अमेरिकी नागरिकों की मौत, 17 की कोई जानकारी नहीं

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-3.38 लाख फिलीस्तीनी छोड़े घर 450 बच्चों की अब तक हुई मौत

-जर्मन चांसलर ने चेताया- इजराइल का झंडा जलाया, तो कार्रवाई

-‘एक्स’ ने हमास से जुड़े सैकड़ों अकाउंट डिलीट किये

-ईरान के राष्ट्रपति और सऊदी के क्राउन प्रिंस ने युद्ध पर की बात

गाजा में जमीनी अभियान की तैयारी

युद्ध के छठे दिन गुरुवार को भी इजराइल और हमास के बीच लड़ाई जारी रही. इजराइली सेना ने कहा कि वह गाजा में जमीनी अभियान की तैयारी कर रही है, लेकिन इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है. इस बीच, गाजा में बंधक बना कर रखे गये इस्राइली लोगों को छुड़ाने की कोशिशें जारी हैं. ऐसा माना जा रहा है कि कतर, मिस्र समेत अन्य देश गाजा से बंधकों को छुड़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं.

तब तक गाजा की घेराबंदी जारी रहेगी…

इजराइल के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जब तक हमारे बंधकों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक गाजा की घेराबंदी जारी रहेगी और पानी-बिजली की आपूर्ति नहीं की जायेगी. वहीं, हमास की क्रूरता भी सामने आयी है. इस्राइली सेना के प्रवक्ता ने दावा किया है कि हमास के आतंकियों ने इस्राइली बच्चों के सिर धड़ से अलग कर दिये हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इसे ‘यहूदी नरसंहार’ बताया है. कहा कि इसने सदियों तक की यहूदी नरसंहार की दर्दनाक यादों को ताजा कर दिया है.

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फ्रांस ने फिलीस्तीन के समर्थन वाले सभी प्रदर्शनों पर रोक लगाई और यहूदियों की रक्षा का संकल्प लिया

फिलीस्तीन के आतंकवादी संगठन हमास द्वारा इजराइल पर हमला करने के बाद से यहूदी विरोधी घटनाओं के बढ़ने के मद्देनजर फ्रांस के गृह मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों को सभी फिलीस्तीन समर्थक प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया. राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांसीसी लोगों से आग्रह किया है कि वे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का असर अपने देश पर नहीं पड़ने दें. मैक्रों की ओर से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बारे में राष्ट्र को संबोधित करने से ठीक पहले पेरिस की पुलिस ने फिलीस्तीनी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर पानी की बौछारें डाली. इन लोगों ने प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए इजराइल की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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