US-Iran Conflict : ईरान के उप संसद अध्यक्ष हमीदरेज़ा हाजी बाबाेई ने सोमवार को संसद के सत्र में अमेरिका के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचेगा. उनके मुताबिक, अमेरिका अपनी सुविधा के हिसाब से युद्ध शुरू करता है और फिर अपनी शर्तों पर युद्धविराम चाहता है, लेकिन ईरान ऐसा नहीं होने देगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय राजनीति में अमेरिका को सक्रिय भूमिका निभाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और ईरानी जनता की इच्छा ही सबसे अहम होगी.
होर्मुज स्ट्रेट को बताया सबसे बड़ी ताकत
हाजी बाबाेई ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है. उन्होंने कहा कि यही वह जगह है जिसने ईरान को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाया है और इसकी हर हाल में रक्षा की जाएगी. दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है, इसलिए इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
हिजबुल्लाह और 'रेजिस्टेंस' का किया समर्थन
ईरानी नेता ने हिजबुल्लाह के समर्थन का भी जिक्र किया और कहा कि यह पूरे क्षेत्र में 'रेजिस्टेंस' (प्रतिरोध) की ताकत का प्रतीक है. उन्होंने दावा किया कि इसी मजबूती की वजह से अमेरिका और इजरायल को पीछे हटना पड़ा. उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व के हवाले से कहा कि संघर्ष और प्रतिरोध ही आगे बढ़ने का रास्ता है और इसी से जीत हासिल होगी.
यूक्रेन को भी दी चेतावनी
हाजी बाबाेई ने कैस्पियन सागर में ईरानी जहाजों पर हालिया हमलों का जिक्र करते हुए यूक्रेन को भी चेतावनी दी.
उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में किसी तरह की "शरारत" या उकसावे वाली कार्रवाई की गई तो ईरान उसका कड़ा जवाब देगा. उनके इस बयान से साफ है कि ईरान फिलहाल अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के प्रति बेहद सख्त रुख बनाए हुए है.
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