होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने बिछाई हैं समुद्री सुरंगें, शांतिवार्ता से पहले समाचार एजेंसियों का दावा

Iran War : 28 फरवरी से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए 10 अप्रैल से शांतिवार्ता होनी है. सीजफायर की घोषणा के बाद से दोनों पक्षों ने इसकी शर्तों को लेकर अलग-अलग तरह के दावे किए हैं. अमेरिका और इजरायल का कहना है कि लेबनान पर हमला इससे अलग विषय है, जबकि ईरान का कहना है कि सीजफायर में लेबनान पर हमला रोकना भी शामिल है.

Iran War : ईरान युद्ध में सीजफायर की घोषणा के बाद भी जिस तरह के हालात बने हुए हैं, वे शांतिवार्ता की सफलता पर कई सवाल खड़े करते हैं. इसी क्रम में ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों ने एक चार्ट प्रकाशित किया, जो यह संकेत दे रहा है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरंगें बिछाई हैं. यह सूचना यह साबित करती है कि ईरान ने अमेरिका पर दबाव बनाने के लिए किस तरह की विध्वंसक योजनाएं बनाई हैं.

रिवोल्यूशनरी गार्ड ने होर्मुज स्ट्रेट के नीचे बिछाई बारूदी सुरंगें

होर्मुज स्ट्रेट का चार्ट रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीबी माने जाने वाले तस्नीम न्यूज एजेंसी ने प्रकाशित किया है.चार्ट में जहाजों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मार्ग ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम पर फारसी भाषा में खतरे का क्षेत्र लिखा हुआ है और इसे बड़े घेरे के द्वारा दिखाया गया है. चार्ट के अनुसार, जहाजों को लारक द्वीप के निकट ईरान की मुख्यभूमि के करीब उत्तरी मार्ग से गुजरने का सुझाव दिया गया, इसकी वजह बारूदी सुरंगें ही थीं.

क्या सीजफायर की घोषणा के बाद इन बारूदी सुरंगों को हटा दिया गया है?

बारूदी सुरंगों को लेकर जो चार्ट प्रकाशित की गई है उसपर 28 फरवरी से 9 अप्रैल तक की अवधि का जिक्र किया गया है. 10 तारीख से ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच शांतिवार्ता होना है, ऐसे में यह चार्ट दबाव बनाने वाला प्रतीत होता है. अबतक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सीजफायर की घोषणा के बाद इन बारूदी सुरंगों को हटाया भी गया है या नहीं? अगर यह सुरंगे नहीं हटाई गई हैं, तो यह बहुत ही खतरनाक स्थिति है. सीजफायर की घोषणा के बाद भी इजरायल ने लेबनान पर हमला जारी रखा है. बेरूत पर बुधवार को किए गए हमले में 182 लोगों की मौत की सूचना है.

ये भी पढ़ें : गुजरात से 1 रन से हारकर दिल्ली ने बनाया यह रिकाॅर्ड

आखिरी गेंद का रोमांच, डेविड मिलर की एक गलती और हार गई दिल्ली

ईरान युद्ध : सीजफायर में बाधा बन सकते हैं ये 3 कारण, क्या स्थायी शांति कायम कर पाएगी शांतिवार्ता

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >