Iran US Conflict: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची 24 घंटे में दूसरी बार पाकिस्तान जा सकते हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के मस्कट में अपनी हाई लेवल मीटिंग और राजनयिक मुलाकातों के बाद रविवार (26 अप्रैल) को वो इस्लामाबाद लौट रहे हैं. सीएनएन ने ईरानी सूत्र के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईरानी विदेश मंत्री ओमान की राजधानी से रवाना हो चुके हैं और जल्द ही इस्लामाबाद के नूर खान एयरबेस पर पहुंच सकते हैं. पाकिस्तान में कुछ समय रुकने के बाद वो अपनी तीन देशों की यात्रा के तहत मॉस्को के लिए रवाना होंगे. कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तान में अमेरिका के साथ आगे की बातचीत को लेकर कोई योजना बन सकती है. इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच पहले दौर की वार्ता हुई थी, हालांकि उसमें कोई सहमति नहीं हुई, दोनों देशों की वार्चा असफल हो गई थी.
ओमान के सुल्तान से अहम मुलाकात
ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अपने ओमान दौरे में अराघची ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से अल-बराका पैलेस में मुलाकात की. इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों, पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम और क्षेत्रीय संकटों को सुलझाने के प्रयासों पर चर्चा हुई. प्रेस टीवी के अनुसार, अराघची ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच संवाद और कूटनीति को बढ़ावा देने में ओमान की भूमिका की सराहना की. वहीं सुल्तान हैथम ने भी स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए बातचीत और मध्यस्थता की अहमियत पर जोर दिया.
अमेरिका-ईरान तनाव पर ईरान का रुख साफ
इससे पहले अराघची पाकिस्तान से ओमान रवाना हुए थे, जहां उन्होंने पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ बातचीत में अमेरिका के साथ चल रहे तनाव को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए ईरान का रुख साफ किया था. पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय बैठकों के बाद इस्लामाबाद से रवाना होने के बाद अराघची ने एक पोस्ट में कहा था कि ईरान ने युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए एक व्यावहारिक रूपरेखा पर अपना रुख बता दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि यह देखना बाकी है कि क्या अमेरिका सच में कूटनीति के लिए प्रतिबद्ध है.
पाकिस्तान की मध्यस्थता कोशिशों को झटका
अराघची के इस दौरे से पहले पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता में मध्यस्थता कराने की कोशिश कर रहा था. हालांकि, हालिया घटनाक्रमों से इन प्रयासों को झटका लगा है. क्योंकि दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान में कोई अमेरिकी प्रतिनिधि पहुंचा ही नहीं. इसे बाद शनिवार (25 अप्रैल) की शाम को अराघची पाकिस्तान से ओमान के लिए रवाना हो गये. उनके पाकिस्तान में रहने के दौरान ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर एक मैसेज पोस्ट किया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अब गेंद ईरान के पाले में है. यदि वे बात करना चाहते हैं, तो उन्हें बस कॉल करने की जरूरत है.
अराघची करेंगे रूस का दौरा
पाकिस्तान में अल्प प्रवास के बाद अराघची रूस की राजधानी मॉस्को जाएंगे, जहां उनकी यात्रा के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर और चर्चा होने की संभावना है. लगातार हो रही इन बैठकों और दौरों से संकेत मिल रहे हैं कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं.
जारी है अमेरिकी घेराबंदी
होर्मुज समेत ईरान से लगे तटों पर अमेरिकी घेराबंदी जारी है. ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेनाओं ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है. ऐसे में अमेरिका पर कैसे विश्वास किया जा सकता है.
क्या होगी अमेरिका-ईरान वार्ता?
पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है. लेकिन कभी अमेरिकी तो कभी ईरान के कारण बात नहीं बन पा रही है. शनिवार को अमेरिकी डेलिगेशन के नहीं पहुंचने पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी पाकिस्तान से रवाना हो गया. इससे दूसरे दौर की वार्ता के तहत अमेरिका-ईरान शांति समझौते में मध्यस्थता करने के पाकिस्तान के महत्वाकांक्षी दावे धराशायी हो गए.
Also Read: खतरे में FBI निदेशक काश पटेल की कुर्सी? पद से हटा सकते हैं ट्रंप
