ईरान को मिलेगा 6 अरब डॉलर का फंड, बदले में करना होगा ये काम; बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचे जेडी वेंस

US Iran Switzerland Talks: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्ता के लिए जेडी वेंस पहुंच गए हैं. इस बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, जमे हुए फंड, लेबनान युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा होगी. इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान को 6 बिलियन डॉलर का शुरुआती फंड मिल सकता है.

US Iran Switzerland Talks: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने की कोशिशों के तहत पहली दौर की बातचीत के लिए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड पहुंच गए हैं. ईरान की ओर से भी प्रतिनिधिमंडल पहुंच गया है, जिसकी अगुवाई ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ कर रहे हैं. इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी पहुंचे हैं. 

यह वार्ता पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान द्वारा डील पर डिजिटली साइन करने के बाद हो रही है. इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, जमे हुए वित्तीय संसाधनों और क्षेत्रीय संघर्षों को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है. यह बैठक रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में हो सकती है. 

6 बिलियन डॉलर के फ्रीज ईरानी संपत्ति मुक्त होंगी!

बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते को आगे बढ़ाना और भविष्य की वार्ताओं के लिए एक स्पष्ट ढांचा तैयार करना है. अमेरिकी न्यूज वेबसाइट एक्सियोस के मुताबिक अमेरिका चाहता है कि बातचीत के पहले चरण का अंत ईरान की ओर से संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरीक्षकों को अपने परमाणु ठिकानों का दौरा करने की अनुमति देने के साथ हो. इसके बदले अमेरिका ईरान के कुछ फ्रीज किए गए फंड जारी करने पर विचार कर रहा है.

शुरुआत में कतर में रखे गए करीब 6 अरब डॉलर के खाते से राशि जारी की जा सकती है. यह पैसा मानवीय जरूरतों से जुड़ी खरीदारी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार, ये वही परमाणु ठिकाने हैं, जिन्हें अमेरिका और इजरायल ने पहले निशाना बनाकर हमला किया था.

ट्रंप-पेजेशकियन समझौते के तहत 60 दिन की बातचीत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुए अंतरिम समझौते में 60 दिनों की बातचीत की अवधि तय की गई है. इसका उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना है. हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर चिंता भी बनी हुई है कि कहीं इजरायल की ओर से कोई कदम इन वार्ताओं को प्रभावित न कर दे.

जेडी वेंस बोले- परमाणु मुद्दे और लेबनान युद्धविराम पर होगी प्रगति

जेडी वेंस शनिवार को वॉशिंगटन से रवाना हुए. यात्रा से पहले उन्होंने कहा कि उनका स्विट्जरलैंड दौरा ज्यादा लंबा नहीं होगा. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मैं वहां केवल एक या दो दिन रह सकता हूं. मुझे उम्मीद है कि हम परमाणु मुद्दे पर प्रगति करेंगे और लेबनान युद्धविराम के मुद्दे पर भी आगे बढ़ेंगे.’

वेंस ने यह भी कहा कि बातचीत का लक्ष्य केवल चर्चा करना नहीं, बल्कि वार्ता के लिए एक ‘वास्तविक ढांचा’ तैयार करना है. उन्होंने बातचीत से पहले उम्मीद जताते हुए कहा कि मीडिया में जिस तरह की तस्वीर दिखाई जा रही है, उसके बावजूद हालात धीरे-धीरे बेहतर हो रहे हैं और चीजें ‘थोड़ी धीमी हो रही हैं.’

ईरानी प्रतिनिधिमंडल में गालिबाफ और अराघची शामिल

ईरान की ओर से बातचीत में संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेममती शामिल हैं. ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य अमेरिका के साथ हुए समझौते में तय प्रतिबद्धताओं को लागू कराने पर चर्चा करना है.

इजरायल से वार्ता प्रभावित होने की आशंका

अमेरिकी खुफिया आकलन में चेतावनी दी गई है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू घरेलू राजनीतिक दबाव के कारण अमेरिका-ईरान बातचीत को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू पर लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने का दबाव है. वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया कि लेबनान में सैनिकों की मौजूदगी उनके राजनीतिक भविष्य से जुड़ी हो सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इजरायल की लगातार सैन्य गतिविधियां अमेरिका-ईरान वार्ता और ट्रंप के साथ नेतन्याहू के संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं.

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होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव जारी

अंतरिम समझौते के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ है. समझौते के बाद अमेरिका की नौसैनिक नाकाबंदी हटने से यह रास्ता कुछ समय के लिए खुला था. हालांकि, ईरान ने कहा था कि उसकी मंजूरी के बिना इस मार्ग से कोई जहाज नहीं गुजर सकता. बाद में लेबनान में इजरायली हमलों और अमेरिका पर समझौते को ईमानदारी से लागू न करने का आरोप लगाते हुए ईरान ने फिर से जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा की.

ट्रंप ने कहा- 60 दिन तक होर्मुज में कोई टोल नहीं

हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया. उसने कहा कि होर्मुज खुला है और जहाज पार हो रहे हैं. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि 60 दिन के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि 60 दिन पूरे होने के बाद भी कोई टोल नहीं होगा. 

इन दोनों दावों के बीच , फिलहाल, सभी की नजरें स्विट्जरलैंड में होने वाली इस वार्ता पर हैं, जहां परमाणु कार्यक्रम से लेकर क्षेत्रीय शांति तक कई बड़े मुद्दों पर फैसला हो सकता है.

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By Anant narayan shukla

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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