चीन की सुपरसोनिक मिसाइलें और रूसी हेलीकॉप्टर; ईरान की तैयारी से अमेरिका में खलबली

क्या ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध होने वाला है? तेहरान चीन की खतरनाक सुपरसोनिक मिसाइलें लेने वाला है, और रूसी हेलीकॉप्टर ईरान के पास देखे गए हैं. जवाब में, डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल में F-22 फाइटर जेट तैनात किए हैं और 10 से 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है.

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान दो खतरनाक सुपरसोनिक मिसाइल तकनीक हासिल करने के बेहद करीब है. एक तरफ चीन है और दूसरी तरफ रूस. यह सब तब हो रहा है जब अमेरिका ने ईरान के तट के पास अपनी सबसे घातक नौसेना तैनात कर दी है. पिछले साल जून में इजरायल और ईरान के बीच हुई 12 दिनों की जंग के बाद इन सौदों में तेजी आई है. ईरान के डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर मसूद ओरई खुद बातचीत के लिए चीन गए थे.

क्या डूब जाएगा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन का दावा है कि उसकी CM-302 एंटी-शिप क्रूज मिसाइल दुनिया की सबसे बेहतरीन मिसाइल है. यह बहुत नीची उड़ान भरती है और इसकी रफ्तार इतनी तेज (सुपरसोनिक) है कि दुश्मन को पता चलने से पहले ही यह 290 किलोमीटर की दूरी तय कर लेती है. इसे जहाजों, विमानों या जमीन से लॉन्च किया जा सकता है. एक्सपर्ट डैनी सिट्रिनोविच (इजरायली इंटेलिजेंस के पूर्व अधिकारी) ने रॉयटर्स को बताया कि अगर ईरान को यह तकनीक मिलती है, तो यह ‘गेम-चेंजर’ होगा क्योंकि इन मिसाइलों को रोकना नामुमकिन जैसा है.

रूस का ‘हॉक’ हेलीकॉप्टर और घातक मिसाइलें

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अब रूस का Mil Mi-28 (हैवॉक) अटैक हेलीकॉप्टर देखा गया है. इसमें Khrizantema-M सुपरसोनिक एंटी-टैंक मिसाइल फिट की जा रही है. इसकी खासियत यह है कि यह दुश्मन के एयर-डिफेंस सिस्टम की रेंज से बाहर रहकर ही उनके टैंकों और किलों को तबाह कर सकती है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने रॉयटर्स से कहा कि उनके पास सहयोगियों के साथ सुरक्षा समझौते हैं और यह उन्हें इस्तेमाल करने का सही समय है. अगर यह डील पूरी होती है, तो यह पिछले सितंबर में लगे संयुक्त राष्ट्र (UN) के हथियारों के प्रतिबंध का सीधा उल्लंघन होगा.

अमेरिका का महाशक्तिशाली बेड़ा: ‘मिडनाइट हैमर’ जैसी तैयारी?

अमेरिका ने ईरान को घेरने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है.

  • USS अब्राहम लिंकन: यह विमान वाहक पोत ओमान के पास तैनात है.
  • USS जेराल्ड आर फोर्ड: दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर, जो अभी क्रीट (Crete) में है और ईरान पर हमला करने की रेंज में है.

ये दोनों मिलकर 150 से ज्यादा लड़ाकू विमान और 5,000 सैनिक उतार सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 फरवरी को ईरान को 10 से 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने व्हाइट हाउस से साफ कहा कि अगर परमाणु समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को कुछ बहुत कड़ा झेलना पड़ेगा, जैसा पिछले साल ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के दौरान हुआ था.

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इजरायल में उतरे अमेरिकी F-22 स्टेल्थ फाइटर्स

‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब एक दर्जन F-22 स्टेल्थ फाइटर्स इजरायल पहुंच चुके हैं. ये विमान ब्रिटेन के लेकनहीथ एयरबेस से उड़े थे. अपनी पहचान छिपाने के लिए इन्होंने ‘ट्रांसपोंडर’ बंद कर रखे थे. इनके साथ रिफ्यूलिंग टैंकर्स भी थे. मिलिट्री एयर ट्रैकिंग एलायंस के अनुसार, मिडिल ईस्ट में F-35, F-22, F-15 और F-16 जैसे दर्जनों विमानों की हलचल बढ़ गई है.

ट्रंप की चेतावनी- अमेरिका तक पहुंच सकती है ईरान की मिसाइलें

राष्ट्रपति ट्रंप ने कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान ऐसी मिसाइलें बना रहा है जो अमेरिका की धरती तक पहुंच सकती हैं. उन्होंने साफ किया कि वह दुनिया में आतंकवाद फैलाने वाले नंबर-1 देश को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे. हालांकि जिनेवा में गुरुवार को तीसरे दौर की बातचीत होनी है, लेकिन इजरायली अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका का हमला अब तय है. सीनेटर चक शूमर ने भी न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में इस सैन्य तैनाती को बहुत गंभीर बताया है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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