Iran President Pezeshkian: प्रेस टीवी (Press TV) के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा कि इस युद्ध में बड़ी ताकतें ईरान के खिलाफ खड़ी थीं, लेकिन लोगों की हिम्मत के आगे उन्हें हार माननी पड़ी. उन्होंने इसे देश के लिए एक बड़ी जीत बताया. पेजेश्कियान का कहना है कि लोगों ने अपनी समझदारी से उन सभी कोशिशों को नाकाम कर दिया, जो देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए रची गई थीं. दुश्मन का गणित गलत साबित हुआ और देश के लोग पहले से ज्यादा एकजुट हो गए.
अमेरिका और इजरायल पर लगाए गंभीर आरोप
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और इजरायल पर गैर-कानूनी तरीके अपनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि जब दुश्मन हारने लगा, तो उसने स्कूल, अस्पताल और बिजली-पानी जैसी जरूरी सुविधाओं को निशाना बनाया.
पेजेश्कियान के मुताबिक, यह मानवाधिकारों और युद्ध के नियमों का साफ उल्लंघन है. उन्होंने यह भी साफ किया कि दबाव बढ़ाकर ईरानी लोगों के हौसले नहीं तोड़े जा सकते. मुश्किल समय में लोगों ने अपनी जिम्मेदारी और ज्यादा बेहतर तरीके से निभाई है.
डोनाल्ड ट्रंप का पलटवार: जल्द जीत का किया दावा
दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान के खिलाफ जीत हासिल करने वाला है. ट्रंप ने कहा कि पिछले दो महीनों की कार्रवाई से ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने ईरान को एक ‘मजबूत और चालाक’ देश बताया, लेकिन साथ ही दावा किया कि ईरान की नौसेना अब लगभग खत्म हो चुकी है.
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158 ईरानी जहाज समुद्र में डूबे: ट्रंप
ट्रंप ने डेटा शेयर करते हुए कहा कि ईरान के 158 जहाज समुद्र में डूब चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास अब कोई नेवी नहीं बची है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ा हुआ है और समुद्र की सुरक्षा को लेकर बातचीत चल रही है. फिलहाल दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज है और हालात गंभीर बने हुए हैं.
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