ईरान का बहरीन पर बड़ा हमला, ऑयल रिफाइनरी पर दागीं मिसाइलें, धू-धूकर जली

Iran Attack Bahrain Oil Refinery: ईरान ने अपने ऊपर हुए हमले का निशाना मिडिल ईस्ट के देशों पर निकाला है. उसने अपने हमलों की स्पीड थोड़ी कम की है, लेकिन प्रमुख जगहों पर अब भी अटैक कर रहा है. ताजा हमला बहरीन की स्टेट ऑयल रिफाइनरी पर किया है, जिसमें एक यूनिट को भारी नुकसान हुआ है.

Iran Attack Bahrain Oil Refinery: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध का असर अब खाड़ी देशों तक साफ दिखाई देने लगा है. बहरीन ने दावा किया है कि ईरान की एक मिसाइल उसके राज्य संचालित तेल रिफाइनरी BAPCO पर आकर गिरी. हालांकि अधिकारियों के अनुसार गुरुवार रात लगी आग को जल्द ही बुझा लिया गया. रिफाइनरी का कामकाज सामान्य रूप से जारी है. इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

बहरीन के राष्ट्रीय संचार केंद्र के अनुसार यह रिफाइनरी देश के पूर्वी तट पर स्थित सितरा आईलैंड में है, जो राजधानी मनामा के दक्षिण में पड़ता है. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमलों की रफ्तार बढ़ा दी है. विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने से वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजार पर असर पड़ सकता है. 

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे दो मिसाइलें रिफाइनरी पर गिरती हैं. आसमान में बहरीन का एंटी मिसाइल सिस्टम अगली मिसाइलों को रोकने का प्रयास करता है. वहीं हमले के बाद लोग अपने घरों की छतों पर आते दिख रहे हैं. यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र का तेल उद्योग इन देशों की अर्थव्यवस्था की मुख्य आधारशिला है. ऐसे में तेल ढांचे को निशाना बनाए जाने से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

तेल और गैस रिफाइनरी को निशाना बना रहा है ईरान

इससे पहले ईरान ने सऊदी अरब और कतर के एनर्जी रिफाइनरी को निशाना बनाया था. सऊदी अरब में रास तनुरा ऑयर रिफाइनरी और कतर में  रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी और मेसाईद इंडस्ट्रियल सिटी (LNG प्रोडक्शन प्लांट)  पर ईरान ने ड्रोन अटैक किया. ये हमले इतने घातक थे कि दोनों देशों ने फिलहाल इन जगहों से ऑपरेशंस बंद हो चुके हैं. वहीं, अजरबैजान ने भी आरोप लगाया कि ईरान ने उस पर ड्रोन से हमला किया, हालांकि तेहरान ने इस आरोप से इनकार किया है.

ईरान ने गुरुवार को इन देशों को निशाना बनाया- 

1. सऊदी अरब: राजधानी रियाद में स्थित संयुक्त राज्य अमेरिका दूतावास परिसर पर ड्रोन हमला हुआ. सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन और तीन क्रूज मिसाइलों को अल‑खारज शहर के पास ही नष्ट कर दिया.

2. संयुक्त अरब अमीरात: राजधानी अबू धाबी में कई धमाकों की आवाज सुनी गई, जहां वायु रक्षा प्रणाली ने संभावित मिसाइल हमलों को रोकने की कोशिश की. फुजैराह अमीरात में भी मिसाइल खतरे को देखते हुए एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया गया. इससे पहले अबू धाबी में हुए हमले में छह विदेशी नागरिक घायल हुए थे.

3. कतर: राजधानी दोहा की ओर दागी गई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों को कतर की वायु रक्षा प्रणाली ने इंटरसेप्ट कर दिया. एक मिसाइल कतर के समुद्री क्षेत्र में गिर गई. इसके अलावा चार ड्रोन भी मार गिराए गए.

4. कुवैत: कुवैत तट के पास समुद्र में एक तेल टैंकर के निकट जोरदार विस्फोट हुआ. इस घटना के बाद समुद्र में तेल रिसाव की जानकारी सामने आई.

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ईरान ने IRIS Dena पर हमले के बाद दी है कड़ी चेतावनी

मिडिल ईस्ट का यह युद्ध अब सातवें दिन में पहुंच चुका है और इसका असर मध्य पूर्व से बाहर तक फैलता दिख रहा है. गुरुवार को ईरान ने क्षेत्र में हमलों की एक नई लहर शुरू की. उसने इजरायल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों और कई अन्य देशों को निशाना बनाया. ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि उसके युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोने की घटना पर अमेरिका को कड़वा पछतावा होगा. दरअसल एक दिन पहले अमेरिका ने दावा किया था कि उसने श्रीलंका के पास समुद्र में ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena को डुबो दिया. 

तेल यातायात पर पड़ा है बुरा असर

इस संघर्ष का असर तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय यातायात पर भी पड़ रहा है. ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री मार्गों में जहाजों पर हमले हुए हैं, जिनसे होकर दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है. इसके चलते वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भी उछाल देखा गया है. खाड़ी के अन्य देशों ने भी सुरक्षा घटनाओं की जानकारी दी है. यूएई में अल धफरा एयर बेस के पास एक ड्रोन मार गिराया गया, जबकि कतर और सऊदी अरब ने भी ड्रोन और मिसाइल खतरों को लेकर अलर्ट जारी किया.

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सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि लेबनान और इजरायल में भी कई लोगों की जान गई है. बढ़ते हमलों और क्षेत्रीय तनाव के कारण यह संघर्ष अब लंबे समय तक जारी रहने की आशंका जताई जा रही है.

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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