US Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता की अनदेखी करने का आरोप लगाया. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अमेरिका यदि एक भी पुल या पावर प्लांट हमला करता है,तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा. बकाई ने कहा कि अमेरिका युद्ध और हिंसा की नीति पर चल रहा है और नागरिकों के लिए जरूरी पुलों और बिजलीघरों को निशाना बनाने की बात कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है.
'सामूहिक सजा' बताया अमेरिकी रुख
ईरान के विदेश मंत्रालय बकाई ने कहा कि नागरिक ढांचे पर हमला करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है. उन्होंने इसे "सामूहिक सजा" और बदले की कार्रवाई बताया, जिसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून साफ तौर पर प्रतिबंधित करता है. उन्होंने अमेरिकी सैनिकों से भी अपील की कि वे ऐसे किसी गैरकानूनी आदेश का पालन न करें.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि अमेरिका यदि एक भी पुल या पावर प्लांट हमला करता है तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा. ईरान ने कहा कि अमेरिका युद्ध और हिंसा की नीति पर चल रहा है
ट्रंप की धमकी से बढ़ा विवाद
यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले किसी जहाज पर हमला करेगा तो अमेरिका ईरान के किसी पुल या बिजलीघर को बम से उड़ा देगा. इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई.
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने तस्नीम न्यूज एजेंसी से कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान के किसी पुल या बिजलीघर पर हमला किया तो जवाब में ईरान पूरे क्षेत्र में मौजूद उन पुलों, ऊर्जा केंद्रों और अन्य अहम ठिकानों को निशाना बनाएगा, जहां अमेरिका के हित जुड़े हैं. अधिकारी ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता दिखा दी है और वह जहां चाहे वहां हमला करने में सक्षम है.
होर्मुज पर अड़ा ईरान
ईरान ने दोहराया कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना नियंत्रण और संप्रभुता बनाए रखेगा. विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी कहा कि यदि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ तो उसका जवाब "जैसे को तैसा" होगा और प्रतिक्रिया बेहद सख्त होगी.
