India Slovakia Agreement: भारत और स्लोवाकिया ने प्रवासन, डिजिटल प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किये. पीएम मोदी और रॉबर्ट फिको भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को जल्द लागू करने की दिशा में काम करने पर भी सहमत हुए. इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
स्लोवाकिया की पहली यात्रा पर पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी यूरोप की अपनी एक हफ्ते की यात्रा के तहत ब्रातिस्लावा में हैं. किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की यह पहली यात्रा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है. यह हमारी साझा मान्यताओं, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य का प्रतीक है. इस व्यापक साझेदारी का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को एक नए मुकाम पर ले जाना, मौजूदा सहयोग तंत्रों को मजबूत करना और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय, दोनों स्तरों पर सहयोग को और प्रगाढ़ करने के नए रास्ते तलाशना है.
भारत और स्लोवाकिया ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत
मोदी और फिको ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और मजबूती को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए. इसके लिए परमाणु ऊर्जा और भूतापीय ऊर्जा सहित ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा.
पीएम मोदी ने कहा- हमारे पास असीम संभावनाएं हैं. हमारी आकांक्षाएं और भी बड़ी हैं. ऑटोमोबाइल, रेलवे, उन्नत विनिर्माण और हरित प्रौद्योगिकी हमारे लिए खास दिलचस्पी के क्षेत्र हैं. मोदी ने कहा कि आज हमने इन सभी मुद्दों पर अपनी ताकत को मिलाकर दोनों देशों के लोगों के फायदे के लिए कई अहम फैसले लिए. भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा सहयोग दोनों पक्षों के बीच गहरे आपसी भरोसे और रणनीतिक तालमेल का सबूत है. दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद रक्षा सहयोग को लेकर एक रुचि पत्र को अंतिम रूप दिया गया.
इन 11 प्रमुख क्षेत्रों में हुए समझौते
श्रम प्रवासन (Labor Migration): कुशल पेशेवरों की व्यवस्थित, सुरक्षित और कानूनी आवाजाही को आसान बनाने के लिए समझौता.
रक्षा सहयोग (Defense Cooperation): दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए ‘रुचि पत्र’ (Letter of Intent) को अंतिम रूप दिया गया.
डिजिटल प्रौद्योगिकी (Digital Technology): डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी विकास में सहयोग.
क्वांटम कम्युनिकेशन (Quantum Communication): भविष्य की उन्नत संचार तकनीकों पर मिलकर काम करना.
उच्च शिक्षा (High Education): शैक्षणिक आदान-प्रदान और संस्थानों के बीच सहयोग.
परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy): ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता के लिए परमाणु स्रोतों का विकास.
भूतापीय ऊर्जा (Geothermal Energy): हरित ऊर्जा के तहत भूतापीय स्रोतों को अपनाना.
ऑटोमोबाइल क्षेत्र (Automobile Sector): वाहन निर्माण और नई तकनीकों में साझेदारी।
रेलवे (Railways): रेलवे बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण में सहयोग.
उन्नत विनिर्माण (Advanced Manufacturing): आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तकनीकों को साझा करना.
हरित प्रौद्योगिकी (Green Technology): सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देना.
