India Russia Oil Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच एक ऐसी ऐतिहासिक ट्रेड डील हुई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का बड़ा फैसला लिया है. अब भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिका और वेनेजुएला जैसे देशों का रुख करेगा.
इस डील के बाद अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले टैक्स (टैरिफ) को 25% से घटाकर 18% कर दिया है. इसे पीएम मोदी के लिए ट्रंप का ‘दोस्ती वाला तोहफा’ माना जा रहा है.
व्हाइट हाउस का दावा
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट के अनुसार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच सोमवार को सीधी बात हुई. लीविट ने बताया कि भारत अब न केवल रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, बल्कि अमेरिका से तेल की खरीदारी को काफी बढ़ा देगा. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब वेनेजुएला से भी तेल खरीद सकता है, जिससे सीधे तौर पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. लीविट ने इस समझौते को अमेरिकी जनता और अर्थव्यवस्था के लिए एक “बड़ी जीत” बताया है.
भारत करेगा 500 अरब डॉलर का निवेश
व्हाइट हाउस ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है. लीविट के मुताबिक, पीएम मोदी ने अमेरिका में 500 अरब डॉलर (करीब 42 लाख करोड़ रुपये) के निवेश का वादा किया है. यह भारी-भरकम पैसा अमेरिका के ट्रांसपोर्ट, एनर्जी और खेती जैसे सेक्टरों में लगाया जाएगा. अमेरिकी सरकार का मानना है कि इस कदम से वहां रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते एक नई ऊंचाई पर पहुंच जाएंगे.
ट्रंप बोले- मोदी मेरे सबसे अच्छे दोस्त
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस डील की जानकारी शेयर की. उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें अपना “सबसे करीबी दोस्त” और एक ताकतवर नेता बताया.
ट्रंप ने लिखा कि पीएम मोदी के सम्मान और हमारी दोस्ती के नाते, मैं भारतीय सामानों पर लगने वाले टैक्स को तुरंत प्रभाव से 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर रहा हूं. भारत भी अपने यहां अमेरिकी सामानों पर लगने वाली पाबंदियों और टैक्स को खत्म (जीरो) करेगा. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि भारत अब रूसी तेल पर अपनी निर्भरता खत्म कर रहा है.
पीयूष गोयल का भरोसा- खेती और डेयरी सेक्टर पर कोई आंच नहीं आएगी
इस बड़ी डील के बीच भारत में किसानों और डेयरी उद्योग से जुड़े लोगों के मन में कुछ शंकाएं थीं. इसे दूर करने के लिए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सामने आए. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि भारत सरकार ने अपने देश के संवेदनशील सेक्टरों, खासकर खेती और डेयरी (दूध उद्योग) के हितों की पूरी रक्षा की है.
गोयल के अनुसार, पीएम मोदी ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है और इस डील में भी यह सुनिश्चित किया गया है कि हमारे किसानों या डेयरी वर्कर्स को कोई नुकसान न हो. उन्होंने कहा कि इस डील को लेकर पूरे देश में उत्साह का माहौल है.
डील की 5 बड़ी बातें
टैक्स में कटौती: अमेरिका में ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट्स पर अब केवल 18% टैक्स लगेगा.
रूस से दूरी: व्हाइट हाउस का दावा है कि भारत अब रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदेगा.
नया तेल पार्टनर: भारत अब अमेरिका और वेनेजुएला से ज्यादा तेल मंगाएगा.
भारी निवेश: भारत अमेरिका में 500 अरब डॉलर का बड़ा निवेश करेगा.
किसानों की सुरक्षा: भारत ने साफ किया है कि एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं हुआ है.
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