अस्पताल में इमरान खान ने बहन को बताया जेल का हाल, कहा- मोहम्मद मुर्सी की तरह 10 महीने से मेरे साथ अन्याय हो रहा

इमरान खान की बहन उजमा खान ने जेल में उनके साथ कथित दुर्व्यवहार और एकांत कारावास का दावा किया है. उन्होंने इमरान के हवाले से बताया कि उनके भाई को मोहम्मद मुर्सी की तरह अकेले रखा जा रहा है. इमरान को केवल 6 घंटे में ही रातों रात चेकअप के बाद जेल में वापस भेज दिया गया.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर एक बार फिर उनकी हिरासत और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं. उनकी बहन उजमा खान ने दावा किया है कि जेल में इमरान खान को लंबे समय से बेहद खराब परिस्थितियों में रखा जा रहा है. उन्हें एकांत कारावास में रखकर कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही है. हालांकि, उजमा के मुताबिक मुलाकात के दौरान इमरान शारीरिक रूप से पूरी तरह ठीक नजर आए.

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान की बहन उजमा खान ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी इस्लामाबाद स्थित के-पी हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. उन्होंने बताया कि उन्हें गुरुवार रात करीब 8:30 बजे अदियाला जेल बुलाया गया था.

उजमा के अनुसार, जेल पहुंचने के बाद पहले उन्हें डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस सकलैन के कार्यालय ले जाया गया. इसके बाद उन्हें एक छोटी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले जाया गया. उस समय अधिकारियों ने उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया कि आखिर उन्हें कहां ले जाया जा रहा है. उजमा ने कहा, 'मैं बार-बार पूछती रही, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया.'

जब वह अस्पताल के ऊपरी हिस्से में पहुंचीं तो वहां इमरान खान मौजूद थे. उजमा के मुताबिक, इमरान ने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी बहन करीब 10 महीने बाद उनसे मिलने आई हैं.

इमरान ने कहा- 10 महीने से मेरे साथ गंभीर अन्याय

उजमा खान ने बताया कि बातचीत के दौरान इमरान खान ने अपनी हिरासत की परिस्थितियों को लेकर गंभीर शिकायतें कीं. उजमा ने इमरान के हवाले से कहा, 'उन्होंने मुझसे बार-बार कहा कि पिछले 10 महीनों से उनके साथ बहुत अन्याय हो रहा है. उन्होंने मुझसे कहा कि जाकर सभी को बताओ कि उनके साथ गंभीर अन्याय और प्रताड़ना की जा रही है.'

हालांकि, उजमा ने यह भी कहा कि मुलाकात के दौरान इमरान खान की शारीरिक स्थिति ठीक दिखाई दे रही थी. उन्होंने कहा, 'इमरान माशाअल्लाह बिल्कुल फिट थे.' उनके मुताबिक, मेडिकल स्टाफ ने इमरान का ब्लड प्रेशर भी जांचा और यह 120/80 दर्ज किया गया.

अस्पताल ले जाने के दौरान अधिकारियों ने नहीं बताई मंजिल

उजमा ने बताया कि उन्हें और इमरान को अस्पताल में भी अलग-अलग जगहों पर इंतजार कराया गया. उनके अनुसार, ऐसा लग रहा था कि अधिकारी जानबूझकर समय निकाल रहे हैं. इस दौरान मेडिकल स्टाफ ने इमरान की आंखों से जुड़ी दवाओं और आई ड्रॉप्स के बारे में जानकारी ली. इसके बाद उनकी एक आंख में इंजेक्शन लगाया गया और दूसरी आंख पर पट्टी बांध दी गई.

उजमा के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्हें यह भी साफ तौर पर नहीं बताया गया कि उन्हें किस अस्पताल में ले जाया गया है. उन्होंने शुरुआत में पूछा कि क्या उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. बाद में एक डॉक्टर ने अपना परिचय डॉ. आरिफ के रूप में दिया.

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इमरान ने की मोहम्मद मुर्सी से तुलना

उजमा खान ने बताया कि बातचीत के दौरान इमरान खान ने अपनी स्थिति की तुलना मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी से की. उन्होंने इमरान के हवाले से कहा, 'इमरान ने कहा कि मोहम्मद मुर्सी को भी उसी तरह मार दिया गया, जिस तरह उन्हें एकांत कारावास में रखकर प्रताड़ित किया जा रहा है.' उजमा ने यह भी दावा किया कि इमरान को एक डॉक्टर ने बताया था कि लगातार इंसानी संपर्क से दूर रखे जाने की वजह से उनका हाइपरटेंशन बढ़ रहा है.

फज्र की अजान के आसपास वापस अदियाला जेल ले जाया गया

अस्पताल में जांच और मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद उजमा और इमरान खान को तड़के वापस अदियाला जेल ले जाया गया. उजमा के अनुसार, यह वापसी फज्र की अजान के आसपास हुई. इसके कुछ ही समय बाद इमरान खान के निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान भी अलग गाड़ी से जेल पहुंचे.

इसके बाद खैबर-पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी सरकार और जेल प्रशासन पर सवाल उठाए. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किए जाने को लेकर अदालत का रुख करेगी. सोहेल अफरीदी के मुताबिक, पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ) सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के कथित उल्लंघन को लेकर अवमानना याचिका दाखिल करेगी, जिसमें इमरान खान के मेडिकल उपचार से जुड़े निर्देश दिए गए थे.

पहले अस्पताल में जांच, फिर कड़ी सुरक्षा में जेल वापसी

शुक्रवार को इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल वापस पहुंचाया गया था. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में थोड़े समय के लिए मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था. यह कार्रवाई पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत की गई. रिपोर्टों के अनुसार, इमरान को अस्पताल ले जाने और वापस जेल पहुंचाने के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे.

इमरान खान की जेल में नियमित मेडिकल निगरानी के दौरान ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव आने के बाद यह मेडिकल जांच कराया गया था. अदालत की ओर से तय मेडिकल प्रक्रिया के तहत डॉक्टरों ने आवश्यक जांच और क्लिनिकल टेस्ट किए. जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने इमरान खान को सीधे अदियाला जेल पहुंचा दिया. उन्हें सुबह होने से पहले ही जेल वापस कर दिया गया.

2023 से जेल में हैं इमरान खान

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं. वह तोशाखाना मामले से जुड़े 14 साल के कारावास की सजा काट रहे हैं. इसके अलावा उनके ऊपर अन्य मामलों में भी केस चल रहे हैं. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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