Germany Nuclear Reactors: जर्मनी में परमाणु युग का अंत? तीन रिएक्टरों को बंद करने की तैयारी

जर्मनी ने रिएक्टरों को बंद करने का फैसला यूक्रेन संघर्ष के कारण लिया है. जर्मनी ऊर्जा संकट का प्रबंधन करने के लिए अपने रिएक्टरों को बंद कर रहा है. रूस और यूक्रेन युद्ध ने दुनिया के हालात बदल दिये हैं.

जर्मनी में परमाणु युग का जल्द ही अंत हो जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि जर्मनी अपने तीन परमाणु रिएक्टरों को बंद करने की तैयारी में है. यह जानकारी अल जजीरा से मिल रही है.

यूक्रेन संघर्ष के कारण जर्मनी ने लिया बड़ा फैसला

जर्मनी ने रिएक्टरों को बंद करने का फैसला यूक्रेन संघर्ष के कारण लिया है. जर्मनी ऊर्जा संकट का प्रबंधन करने के लिए अपने रिएक्टरों को बंद कर रहा है. रूस और यूक्रेन युद्ध ने दुनिया के हालात बदल दिये हैं. रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो अमेरिका सहित यूरोपीय देश रूस के खिलाफ हो गये. रूस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा दिये गये. जिससे गुस्साये रूस ने यूरोप में गैस की सप्लाई बंद कर दी. जिससे बिजली संकट गहराने लगी है. जर्मनी में भी ऐसे ही हालात उत्पन्न हो गये हैं. इसलिए जर्मनी ने तय किया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध से जो हालात पैदा हुए हैं, उससे जल्द से जल्द बाहर निकला जाए.

अन्य देश जहां परमाणु ऊर्जा में निवेश बढ़ा रहे हैं, वहीं जर्मनी परमाणु युग का अंत कर रहा है

जर्मनी अपने परमाणु युग का शीघ्र अंत कर रहा है, क्योंकि कई पश्चिमी देश अपने उत्सर्जन को कम करने के लिए परमाणु ऊर्जा में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं. जर्मनी पेट्रोल की आपूर्ति और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में वृद्धि के बारे में सोच रहा है.

Also Read: जर्मनी के बयान पर दिग्विजय के थैंक्यू से बवाल, कांग्रेस बोली- लोकतंत्र पर आये खतरों से खुद ही निपटना होगा

जर्मनी के फैसले से विपक्ष नाराज

जर्मनी के रिएक्टरों को बंद करने के फैसले से वहां की विपक्षी पार्टी नाराज हैं. जर्मनी के चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पीटर एड्रियन ने इस फैसले का विरोध किया और कहा, फिलहाल जो ऊर्जा की कमी है, कहीं और न बढ़ जाए. उन्होंने कहा, ऊर्जा का विस्तार करना चाहिए, इसे बंद नहीं करना चाहिए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >