France Elections 2024: फ्रांस में नयी सरकार की आहट से मुस्लिमों में भय, सताने लगा ऐसा डर

France Elections 2024: फ्रांस में संसदीय चुनाव के पहले दौर के लिए रविवार को बड़े पैमाने पर मतदान हुआ और यह अनुमान जताया जा रहा है कि नाजी युग के बाद सत्ता की बागडोर पहली बार राष्ट्रवादी एवं धुर-दक्षिणपंथी ताकतों के हाथों में जा सकती है.

France Elections 2024: दो चरणों में हो रहा संसदीय चुनाव सात जुलाई को संपन्न होगा. चुनाव परिणाम से यूरोपीय वित्तीय बाजारों, यूक्रेन के लिए पश्चिमी देशों के समर्थन और वैश्विक सैन्य बल एवं परमाणु शस्त्रागार के प्रबंधन के फ्रांस के तौर-तरीके पर काफी प्रभाव पड़ने की संभावना है.

नेशनल रैली मुस्लिम समुदाय की विरोधी मानी जाती है

‘नेशनल रैली’ का नस्लवाद और यहूदी-विरोधी भावना से पुराना संबंध है और यह फ्रांस के मुस्लिम समुदाय की विरोधी मानी जाती है. देश में 4.95 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं जो फ्रांस की संसद के प्रभावशाली निचले सदन नेशनल असेंबली के 577 सदस्यों को चुनेंगे.

मरीन ले पेन और जॉर्डन बार्डेला ने फ्रांस की जनता से कर दिया है ऐसा वादा

चुनाव में मरीन ले पेन और उनके उत्तराधिकारी जॉर्डन बार्डेला ने फ्रांस की जनता से वादा किया है कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो वो दोहरी नागरिकता वाले लोगों को सरकारी पद से हटा देंगे. इसके अलावा पेन ने सार्वजनिक स्थानों में हिजाब पर पाबंदी लगाने की बात भी कह चुकी हैं. छात्रों में इस बात को लेकी काफी चिंता है. एक छात्रा ने कहा कि वो फ्रांस में जन्मी हैं, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा की इस्लाम इतनी बड़ी परेशानी बन जाएगी. जॉर्डन बार्डेला फ्रांस फर्स्ट की बात करते हैं. जिससे फ्रांस के पड़ोसी देशों में खलबली मची हुई है.

फ्रांसीसी मतदाता महंगाई और आर्थिक चिंताओं से परेशान

अनेक फ्रांसीसी मतदाता महंगाई और आर्थिक चिंताओं से परेशान हैं. वे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व से भी निराश हैं. मरीन ले पेन की आव्रजन विरोधी ‘नेशनल रैली’ पार्टी ने इस असंतोष को चुनाव में भुनाया है और उसे विशेष रूप से ‘टिकटॉक’ जैसे ऑनलाइन मंचों के जरिए हवा दी है. चुनाव पूर्व सभी जनमत सर्वेक्षणों में ‘नेशनल रैली’ की जीत का अनुमान जताया गया है.

फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी पार्टी ने कहा – स्पष्ट बहुमत मिलने पर ही वह सरकार का नेतृत्व करेगी

फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी पार्टी ‘नेशनल रैली’ की नेता मरीन ले पेन ने मंगलवार को कहा कि उनका दल रविवार को होने वाले दूसरे दौर के चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद ही सरकार का नेतृत्व करेगा. पेन ने सरकारी प्रसारक ‘फ्रांस इंटर’ के साथ मंगलवार को कहा, अगर हम काम नहीं कर सकते तो हम सरकार में जाना स्वीकार नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा, यह हमारे मतदाताओं के साथ विश्वासघात होगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >