पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक वरिष्ठ कमांडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है.पाक मीडिया के मुताबिक, कारी सईद अब्दुल अजीज नमाज के लिए क्यूबा मस्जिद पहुंचा था. मस्जिद के गेट पर पहुंचते ही वह अचानक गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई. उसकी मौत की सही वजह अभी सामने नहीं आई है.
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक बताया जा रहा है कि मस्जिद पहुंचने से पहले कारी सईद ने एक ऐसे रेस्टोरेंट में खाना खाया था, जहां वह आमतौर पर नहीं जाता था. इसके कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई. अचानक मौत की वजह से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसकी मौत बीमारी, जहर या किसी अन्य कारण से हुई.
मुंबई हमलों से भी जुड़ा है लश्कर
लश्कर-ए-तैयबा वही आतंकी संगठन है, जिस पर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं। इन हमलों में 166 लोगों की मौत हुई थी। संयुक्त राष्ट्र ने 2005 में लश्कर को अल-कायदा और तालिबान से संबंधों के चलते प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल किया था।
आतंकियों के परिवारों की मदद करता था विभाग
कारी सईद अब्दुल अजीज लश्कर-ए-तैयबा के उस विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहा था, जो जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ों के दौरान मारे गए आतंकियों के परिवारों की मदद करता था। इसी वजह से वह संगठन के महत्वपूर्ण लोगों में शामिल माना जाता था।
‘अनजान लोगों’ की हत्या का दावा
उसकी मौत ऐसे समय हुई है जब लश्कर से जुड़े एक अन्य ऑपरेटिव रिजवान हनीफ ने सनसनीखेज दावा किया था. एक वीडियो में उसने कहा था कि पिछले तीन-चार वर्षों में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में संगठन के करीब 30 सदस्यों को ‘अनजान लोगों’ ने मार दिया.
पेशावर से मुजफ्फराबाद तक मारे गए आतंकी
हनीफ के मुताबिक, पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलाकोट और मुजफ्फराबाद में लश्कर के कई सदस्य मारे गए. इन मौतों को लेकर लंबे समय से अटकलें लगती रही हैं, लेकिन यह पहली बार बताया गया कि लश्कर से जुड़े किसी व्यक्ति ने सार्वजनिक तौर पर ऐसी हत्याओं का दावा किया है.
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