बलूचिस्तान में दहशत: एक हफ्ते में 15 लाशें बरामद; परिजन बोले- जबरन गायब किया, फिर टॉर्चर कर मार डाला

बलूचिस्तान में एक हफ्ते के भीतर 15 शव बरामद हुए हैं. परिजनों ने सुरक्षाबलों पर जबरन गायब करने, हिरासत में प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाया है. कई शवों पर यातना के निशान मिले हैं.

बलूचिस्तान में पिछले एक सप्ताह में 15 शव बरामद हुए हैं. इनमें से कुछ शव उनके परिवारों को सौंपे गए हैं. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मारे गए कई लोगों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पहले जबरन गायब किया गया था और हिरासत में प्रताड़ित करने के बाद उनकी हत्या कर दी गई.

कस्टडी में मौत और परिजनों को सौंपा गया शव

बासिमा इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा शाहज़ैब बलोच का शव उसके परिवार को सौंप दिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 6 अगस्त को मोटरसाइकिल से यात्रा के दौरान शाहज़ैब को गोली मारकर घायल कर दिया गया था और फिर हिरासत में ले लिया गया था, जिसके बाद से वह लापता था. परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान ही उसकी हत्या की गई है.

वाशुक में घरों पर बुलडोजर और मलबे के पास मिले शव

वाशुक के पटक इलाके में पाकिस्तानी बलों पर स्थानीय निवासियों को घरों में कैद करने और उनसे मारपीट करने का आरोप लगा है. इस दौरान चाकर नामक व्यक्ति का घर बुलडोजर से ढहा दिया गया, जिसके बाद नष्ट किए गए घरों के पास से पांच शव बरामद हुए. इनमें से एक शव की पहचान शुकरुल्लाह के रूप में हुई है, जो पिछले 10 दिनों से लापता था, जबकि अन्य चार की पहचान अभी नहीं हो सकी है.

महीनों से लापता सबजल का गोलियों से छलनी शव बरामद

माश्के के निवासी सबज़ल बलोच का शव पीरंदर क्षेत्र के गाज़ी गांव से मिला है. सूत्रों के अनुसार, सबजल को कई महीने पहले उसके घर से उठाकर जबरन गायब कर दिया गया था. परिजनों का कहना है कि उसे गोली मारकर हत्या करने के बाद उसका शव गांव के पास फेंक दिया गया.

पंजगुर और ग्वादर में यातना के निशानों वाले शवों का अंबार

पंजगुर के ग्वारगो क्रॉस के पास से अस्पताल सूत्रों के अनुसार पांच शव मिले हैं, जिन पर गोलियों और गंभीर यातनाओं के निशान हैं. इनमें से तीन की पहचान शफीक, हबीबुल्लाह और शफीउल्लाह के रूप में हुई है. वहीं, ग्वादर जिले के जिमरी इलाके से भी तीन शव मिले हैं, जिनमें स्थानीय राजनीतिक हस्ती के बेटे एहसान हसन का शव भी शामिल है, जो इस साल 21 जनवरी से लापता बताए जा रहे थे.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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