फेसबुक-पैरेंट मेटा जॉब कट के दूसरे दौर में, 10,000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी

फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा में दूसरी बार बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर ली है. इस बार कंपनी 10 हजार कर्मियों की छंटनी करने की योजना बना रही है. कंपनी ने खुद इसकी घोषणा की है. मेटा ने पिछली साल नवंबर ने 11 हजार के करीब लोगों को नौकरी से निकाला था.

फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा में दूसरी बार बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी कर ली है. इस बार कंपनी 10 हजार कर्मियों की छंटनी करने की योजना बना रही है. कंपनी ने खुद इसकी घोषणा की है. मेटा ने मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा कि हम अपनी टीम में से लगभग 10,000 कर्मियों में कटौती कर सकते हैं और साथ ही लगभग 5,000 अतिरिक्त ओपन भर्तियों को भी बंद किए जाने की उम्मीद है. बता दें कि कंपनी ने चार महीने पहले ही करीब 11 हजार कर्मचारियों को घर का रास्ता दिखाया है.

जुकरबर्ग ने की छटनी की बात 

मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने कंपनी में बड़ी छंटनी की ओर इशारा किया है. जुकरबर्ग ने कर्मचारियों को एक मैसेज में कहा, “हम अपनी टीम में से लगभग 10,000 कर्मियों में कटौती करने और लगभग 5,000 अतिरिक्त ओपन भर्तियों को भी बंद करने की उम्मीद करते हैं.” दरअसल, मेटा फ्यूचरिस्टिक मेटावर्स को डेवलप करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है, इसलिए कंपनी उच्च मुद्रास्फीति और बढ़ती ब्याज दरों का सामना कर रही है. साथ ही कंपनी महामारी के बाद की मंदी से भी जूझ रही है.

इससे पहले 11 हजार लोगों को नौकरी से निकाला गया था 

इससे पहले भी फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने पिछली साल नवंबर ने 11 हजार के करीब लोगों को नौकरी से निकाला था. यह कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी थी। बता दें कि सितंबर के आखिर में कंपनी ने कहा था कि मेटा में कुल 87 हजार कर्मचारी काम करते हैं.

अमेरिका की कई कंपनियों में छटनी का दौर 

बता दें कि एक बिगड़ती अर्थव्यवस्था ने कॉर्पोरेट अमेरिका में बड़े पैमाने पर नौकरी में कटौती की है. इसमें गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली जैसे वॉल स्ट्रीट बैंकों से लेकर अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक फर्म भी शामिल हैं. छंटनी ट्रैकिंग साइट के अनुसार, टेक जगत ने 2022 की शुरुआत से अब तक करीब 280,000 से अधिक कर्मचारियों को छंटनी की गई है। जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत इस साल की गई है.

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By Abhishek Anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.

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