यूरोप के नौ देशों में लॉकडाउन में छूट, ब्रिटेन में खुलेंगी अदालतें, जानिए कहां मिली है कितनी छूट

कोरोना के कारण जारी लॉकडाउन में यूरोप के नौ देशों ने ढील दे दी है. फ्रांस में सोमवार से प्राइमरी स्कूल खुल गये. कपड़ों, किताबों के अलावा सैलून और फूल के स्टोर भी खोल दिये गये. बेल्जियम में कई बिजनेस हाउसों ने काम करना शुरू कर दिया है

नयी दिल्ली : कोरोना के कारण जारी लॉकडाउन में यूरोप के नौ देशों ने ढील दे दी है. फ्रांस में सोमवार से प्राइमरी स्कूल खुल गये. कपड़ों, किताबों के अलावा सैलून और फूल के स्टोर भी खोल दिये गये. बेल्जियम में कई बिजनेस हाउसों ने काम करना शुरू कर दिया है. रेस्टोरेंट, बार और कैफे बंद ही रहेंगे. नीदरलैंड में प्राइमरी स्कूल खोल दिये गये. .इब्रेरी, फिजियोथेरेपिस्ट, ड्राइविंग स्कूल और हेयरड्रेसर की दुकानें भी खुलने लगीं हैं. स्विट्जरलैंड में प्राइमरी और मिडिल स्कूल के अलावा रेस्टोरेंट, बुकशॉप और म्यूजियम भी खोल दिये गये. स्पेन के कुछ इलाकों में दस लोगों तक जमा होने की अनुमति दी गयी है.

डेनमार्क में शॉपिंग सेंटर सोमवार से फिर खोल दिये गये. पोलैंड आनेवाले पर्यटकों को अभी भी दो सप्ताह के लिए क्वारेंटिइन किया जायेगा. जर्मनी, ऑस्ट्रिया और इटली ने पहले ही अपने प्रतिबंधों को कम करना शुरू कर दिया है. इंग्लैंड और वेल्स में अगले हफ्ते से अदालतें काम करना शुरू कर देंगी. मुख्य न्यायधीश लॉर्ड बर्नेट ने यह जानकारी दी. इधर, कोरोना संकट के बीच पोलैंड में रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में जीरो परसेंट वोटिंग हुई. यहां लॉ एंड जस्टिस पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार है. विपक्ष का कहना है कि सरकार कोविड-19 जैसे खतरे के बावजूद चुनाव क्यों करा रही है.

वहीं, सरकार का कहना है कि चुनाव समय पर कराये जाने जरूरी हैं. अब लोगों के पास विकल्प है कि वे बुधवार तक पोस्टल बैलेट के जरिये मतदान कर सकें. पोलैंड में राष्ट्रपति चुनाव में नहीं डला एक भी वोट ब्रिटेन में तीन चरणों का कोरोना वायरस रिकवरी प्लानलंदन. ब्रिटेन की बोरिस जॉनसन सरकार ने सोमवार को कोरोना संक्रमण से निबटने के लिए तीन चरणों वाली योजना जारी की. इसका पहला चरण बुधवार से शुरू होगा. दूसरा चरण एक जून से और तीसरा चरण चार जुलाई से शुरू होगा. पहले चरण में लोग घर से निकलकर एहतियाती उपायों का पालन करते हुए दोस्तों से मिल सकेंगे. दूसरे चरण में गैरजरूरी कारोबार शुरू हो सकेगा. कुछ स्कूल खुल सकते हैं. तीसरे चरण में कुछ और कारोबार शुरू किये जा सकते हैं. हालांकि, यह दो चरणों की समीक्षा के बाद तय किया जायेगा.

सऊदी अरब जैसे अमीर देश की इकोनॉमी बिगड़ी, तीन गुना बढ़ाया वैट रियाद. कोरोना संकट के कारण सऊदी अरब जैसे अमीर देशों की भी अर्थव्यवस्था बिगड़ने लगी है. सऊदी अरब ने सोमवार को कहा कि वह कोरोना वायरस महामारी और तेल कीमतों में गिरावट से अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान के कारण बुनियादी वस्तुओं पर टैक्स को तीन गुना कर उन्हें 15 प्रतिशत तक बढ़ा रहा है. वहीं, प्रमुख परियोजनाओं पर खर्च में करीब 26 अरब डॉलर की कटौती की गयी है. सऊदी अरब के वित्त मंत्री के मुताबिक वहां के नागरिकों को 2018 से शुरू हुआ निर्वाह व्यय भत्ता भी नहीं मिलेगा.

द अफ्रीका ने सख्ती के लिए उतारी सेना केपटाउन. दक्षिण अफ्रीका में कोरोना से लोगों को बचाने के लिए सरकार को सख्ती दिखानी पड़ी है. इसके लिए जोहांसबर्ग में पुलिस के साथ मिलिट्री को सड़कों पर गश्त करनी पड़ी, ताकि लोग लॉकडाउन का पालन करें. कई जगह सुरक्षाबलों ने तंग गलियों में छापामारी की और लॉकडाउन तोड़ रहे लोगों को वापस घरों में भेजा. बीजिंग में ब्रेसलेट से होगी टेम्पेरेचर की रिकॉर्डिंगबीजिंग. चीन की राजधानी बीजिंग में छात्रों को सरकार स्मार्ट ब्रेसलेट देगी. यह ब्रेसलेट छात्रों के टेम्परेचर की रिकॉर्डिंग करती रहेगी. इसके लिए एक डेटा सेंटर बनाया गया है. किसी भी छात्र का टेम्परेचर ज्यादा हुआ, तो इसकी जानकारी हेल्थ डिपार्टमेंट को भेजी जायेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >