पाबंदियों में ढील से बढ़ी ब्रिटेन की मुश्किलें, बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच विशेषज्ञों का ‘प्लान बी’ पर जोर

Coronavirus Pandemic: ब्रिटेन में संक्रमण के मामले यूरोप में सबसे अधिक हैं. ब्रिटेन में सोमवार को कोविड-19 के 49,156 नये मामले दर्ज किए गए, जो मध्य जुलाई के बाद से सबसे अधिक हैं.

लंदन: ब्रिटेन में कोरोना वायरस (Coronavirus in Britain) का संक्रमण एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है. वैश्विक महामारी के बढ़ते संक्रमण के बीच विशेषज्ञों ने ‘प्लान बी’ पर जोर देने की बात कही है. कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कई वैज्ञानिकों ने ब्रिटिश सरकार से फिर से पाबंदियों को लागू करने और टीकाकरण (Vaccination) में तेजी लाने पर जोर दिया.

ब्रिटेन में संक्रमण के मामले यूरोप में सबसे अधिक हैं, जिसमें लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. ब्रिटेन में सोमवार को कोविड-19 के 49,156 नये मामले दर्ज किए गए, जो मध्य जुलाई के बाद से सबसे अधिक हैं. पिछले सप्ताह संक्रमण के औसत 43,000 नए मामले आए, जो एक सप्ताह पहले के मामलों की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक थे.

पाबंदियों में ढील ने बढ़ायी ब्रिटेन की मुश्किलें

पिछले सप्ताह ऑफिस फॉर नेशनल स्टेटिस्टिक्स के अनुमान के मुताबिक, इंग्लैंड में 60 लोगों में से एक व्यक्ति संक्रमित है. जुलाई में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के नेतृत्व वाली सरकार ने सभी पाबंदियां हटा ली थीं. इसमें मास्क लगाने, घरों के अंदर रहने और सामाजिक दूरी का पालन करने जैसे नियमों में छूट भी शामिल थे.

Also Read: ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन का भारत में प्रभाव नहीं : डॉ वीके पॉल, कहा- म्यूटेशन से गंभीर नहीं हुई बीमारी, मृत्युदर पर भी असर नहीं

नाइट क्लबों और भीड़ भाड़ वाली अन्य जगहों को भी पूरी क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दे दी गयी थी. लोगों को घर से काम करने की सलाह नहीं दी जा रही थी. कुछ लोगों ने आशंका जतायी थी कि पाबंदियां हटने से संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी होगी. हालांकि, ऐसा तो नहीं हुआ, लेकिन संक्रमण के मामले अत्यधिक बने रहे और हाल में इसमें तेज वृद्धि देखी जा रही है.

सांसदों के विरोध के बाद कंजरवेटिव पार्टी की सरकार को नाइट क्लबों, कंसर्ट और अन्य भीड़ भाड़ वाले कार्यक्रमों में आने वाले लोगों के लिए टीका लेने का सबूत दिखाने की जरूरत से संबंधित अपनी योजना को रद्द करना पड़ा. हालांकि, स्कॉटलैंड ने इस मीहने टीका पास कार्यक्रम शुरू किया है. कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रतिरक्षा में कमी इसका एक बड़ा कारक है.

बूस्टर डोज लेने की पेशकश

ब्रिटेन में लाखों लोगों को बूस्टर डोज लेने की पेशकश की गयी है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह बेहद धीमी गति से हो रहा है. सरकार के आपतकालीन वैज्ञानिक सलाहकार समूह के सदस्य महामारी विज्ञानी नील फर्ग्यूसन ने कहा कि ब्रिटेन ने भी एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पर बहुत अधिक भरोसा किया है. यह टीका कोविड-19 के बहुत गंभीर परिणामों के खिलाफ बहुत अच्छी तरह से रक्षा करता है, लेकिन यह विशेषकर डेल्टा स्वरूप पर फाइजर की तुलना में थोड़ा कम अच्छी तरह से रक्षा करता है.’

Posted By: Mithilesh Jha

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >