Earthquake: इंडोनेशिया में 6.1 तीव्रता का भूकंप, दो दिन के अंदर दूसरी बार डोली धरती, सुनामी का खतरा नहीं

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.1 थी और इसका केंद्र गोरोन्तालो के 65 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में समुद्र में 147 किलोमीटर की गहराई पर था। गोरोन्तालो, उत्तरी सुलावेसी, उत्तरी मलुकु और मध्य सुलावेसी प्रांत में इसके झटके महसूस किए गए.

इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में बुधवार को जोरदार भूकंप के झटके महसूस किये गये. जिसकी तीव्रता 6.1 मापी गयी है. हालांकि किसी तरह के गंभीर जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. इंडोनेशिया में दो दिनों के अंदर दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किये गये.

भूकंप का केंद्र गोरोन्तालो के 65 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.1 थी और इसका केंद्र गोरोन्तालो के 65 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में समुद्र में 147 किलोमीटर की गहराई पर था। गोरोन्तालो, उत्तरी सुलावेसी, उत्तरी मलुकु और मध्य सुलावेसी प्रांत में इसके झटके महसूस किए गए.

सुनामी का खतरा नहीं

इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान व भूभौतिकी एजेंसी ने सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की है.

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16 जनवरी को भी महसूस किये गये भूकंप के तेज झटके

पश्चिमी इंडोनेशिया में सोमवार 16 जनवरी को भी सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए थे. जिसका केंद्र समुद्र में था. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई थी, जिसका केंद्र आचे प्रांत के एक तटीय जिले सिंगकिल से 48 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में 48 किलोमीटर की गहराई पर था. प्रशांत महासागर में ‘रिंग ऑफ फायर’ पर इंडोनेशिया की स्थिति के कारण यहां भूकंप का खतरा अधिक रहता है.

इंडोनेशिया में भूकंप से हाल के वर्षों में गई कई लोगों की जान

गौरतलब है कि पश्चिम जावा के सियानजुर शहर में 21 नवंबर को आए 5.6 की तीव्रता वाले भूकंप में कम से कम 331 लोग मारे गए थे और करीब 600 लोग घायल हुए थे। इससे पहले सुलावेसी में 2018 में आए भूकंप और सुनामी में करीब 4,340 लोग मारे गए थे. वहीं 2004 में हिंद महासागर में एक अत्यंत शक्तिशाली भूकंप के कारण सुनामी आने से एक दर्जन देशों में 2,30,000 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर लोग इंडोनेशिया के आचे प्रांत के थे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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