जेबेल अली औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार देर रात करीब 20 मिनट के भीतर सात धमाके होने के बाद भीषण आग लग गई. घटना के बाद पूरे इलाके में काले धुएं का घना गुबार फैल गया. यूएई प्रशासन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि धमाके किसी हमले के कारण हुए या इसके पीछे कोई औद्योगिक दुर्घटना थी. घटना में किसी की मौत, घायल होने या बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं की गई है.
दुबई का प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्र है जेबेल अली
जेबेल अली दुबई के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और माल परिवहन केंद्रों में शामिल है. यहां दुनिया के सबसे बड़े मानव निर्मित बंदरगाहों में से एक स्थित है. इस क्षेत्र में फ्री ट्रेड जोन के साथ ईंधन, सामान और अन्य औद्योगिक उत्पादों के भंडारण की बड़ी सुविधाएं भी मौजूद हैं. यही कारण है कि धमाकों और आग की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
कार शोरूम में सिलिंडर फटा, भारतीय युवक की मौत
दुबई में एक अन्य हादसे में शेख जायद रोड स्थित कार शोरूम में गैस सिलिंडर फटने से केरल के 27 वर्षीय शिजिन पॉल की मौत हो गई. हादसे में पांच अन्य लोग घायल भी हुए हैं. शिजिन करीब आठ महीने पहले ही दुबई पहुंचे थे और शोरूम में सोशल मीडिया मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे. रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 से 2025 के बीच खाड़ी देशों में कार्यस्थल पर हुई दुर्घटनाओं में औसतन हर सप्ताह करीब तीन भारतीयों की मौत हुई है.
सऊदी तेल टैंकर पर मिसाइल हमले का दावा
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह के पास एक सऊदी तेल टैंकर को मिसाइलों से निशाना बनाया. हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि यह हमला उनके लड़ाकों ने किया. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि हमला किस दिन या किस समय किया गया.
अमेरिका के मिसाइल इंटरसेप्टर घटने का दावा
ईरान के साथ संघर्ष के बीच अमेरिका के हथियार भंडार को लेकर भी एक रिपोर्ट सामने आई है. इसमें दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना थाड मिसाइल रक्षा प्रणाली के करीब 80 प्रतिशत इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर चुकी है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पैट्रियट प्रणाली के करीब आधे इंटरसेप्टर खर्च हो चुके हैं. हथियारों का तेजी से कम होता भंडार और मध्यपूर्व में अमेरिकी सहयोगी देशों पर ईरान के जवाबी हमले की आशंका बड़े सैन्य अभियान को टालने का कारण मानी जा रही है.
होर्मुज स्ट्रेट पर समझौते की उम्मीद
इस बीच, होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए ईरान और ओमान के बीच बातचीत जारी है. दोनों पक्ष जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नई व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर जल्द समझौता हो सकता है. हालांकि, समझौते की शर्तों पर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है. ईरानी मीडिया के अनुसार, मौजूदा समुद्री मार्गों के साथ एक नया सिंगल कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो रही है. इसका उद्देश्य जहाजों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है.
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