सोशल मीडिया पर अपने जर्मनी के जीवन से जुड़े वीडियो साझा करने वाली आकांक्षा ने कहा, "2 साल अमेरिका में रहने के बाद मुझे समझ आ गया कि मुझे अगले 20 साल वहां क्यों नहीं रहना. यह जानना बहुत जरूरी है कि आपको जिंदगी में क्या चाहिए, और मुझे शांति चाहिए."
उन्होंने कहा कि वह अपनी पूरी जिंदगी गाड़ी के अंदर बिताने, पेट्रोल और इंश्योरेंस के खर्चों की चिंता करने में नहीं निकालना चाहती थीं. अपने वीडियो में पेड़-पौधों से घिरी सड़कें और शांत माहौल दिखाते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की प्रकृति से भरी और सहज जीवनशैली पसंद है.
वीजा की अनिश्चितता और स्थायी निवास
आकांक्षा ने अमेरिका छोड़ने का सबसे बड़ा कारण वीजा की अनिश्चितता को बताया. उन्होंने कहा, "मुझे वीजा का तनाव नहीं चाहिए. मैं यह सोचते हुए समय नहीं बिताना चाहती कि मेरा वीजा कब तक मान्य है."
जर्मनी के नियमों की तारीफ करते हुए उन्होंने बताया, "मुझे जर्मनी आए सिर्फ तीन साल हुए हैं और इस साल मुझे यहां का पीआर (Permanent Residency) मिल जाएगा. यह जीवन में एक बहुत बड़ा सुकून है." उन्होंने सलाह दी कि विदेश जाने का फैसला करने से पहले लोगों को यह जरूर सोच लेना चाहिए कि वे वास्तव में अपनी जिंदगी से क्या चाहते हैं.
सोशल मीडिया पर बंटी राय
आकांक्षा के इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर अमेरिका बनाम जर्मनी की जीवनशैली को लेकर बहस छिड़ गई. एक यूजर ने आकांक्षा का समर्थन करते हुए लिखा, "अगर आपको कम भीड़-भाड़, शांति और खूबसूरत कुदरत पसंद है, तो जर्मनी आपके लिए सबसे बेहतरीन जगह है." वहीं, एक अन्य यूजर ने अमेरिका का पक्ष लेते हुए लिखा, "आपकी बात का सम्मान है, लेकिन भारतीयों के लिए अमेरिकी जिंदगी यूरोप से बेहतर है. यूरोप में मेरे दोस्त मुझसे आधी कमाई करते हैं और 40% तक टैक्स देते हैं. जर्मनी में भाषा की चुनौती और घर मिलने में काफी परेशानी होती है. अमेरिका कोई यूटोपिया नहीं है, लेकिन वहां रफ्तार और अवसर ज्यादा हैं. जो लोग संघर्ष या भागदौड़ नहीं करना चाहते, वे इससे डरते हैं."
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