ट्रंप की ईरान को नई धमकी: अगर समझौता नहीं हुआ तो, अब हमारा टारगेट ये होगा

Donald Trump Warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध पर पहली बार देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अपने सभी लक्ष्यों को जल्द से जल्द पूरा होने की बात दोहराई. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन उनका लक्ष्य नहीं था, लेकिन सभी नेता मारे गए और यह हो गया. हालांकि, इसी दौरान उन्होंने ईरान को फिर से नई धमकी दी.

Donald Trump Warns Iran: ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम अपना पहला आधिकारिक संबोधन किया. बुधवार (अमेरिकी समयानुसार) को उन्होंने कहा कि ईरान में ‘रेजिम चेंज’ कभी उनका आधिकारिक उद्देश्य नहीं था. हालांकि, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद वहां नेतृत्व में बदलाव आ गया है. व्हाइट हाउस से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि नया नेतृत्व पहले से कम कट्टर और ज्यादा समझदार है. इससे दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाओं का संकेत मिल रहा है.

ट्रंप ने जोर देकर कहा कि कूटनीतिक बातचीत अभी भी जारी है. साथ ही ट्रंप ने सख्त चेतावनी भी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो सैन्य कार्रवाई हो सकती है. उन्होंने कहा, ‘अगर इस अवधि में कोई डील नहीं होती है, तो हमारी नजर उनके प्रमुख ठिकानों पर है.’ संभावित सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हम उनके हर एक बिजली उत्पादन संयंत्र को बहुत जोरदार तरीके से और संभवतः एक साथ निशाना बनाएंगे.’

अब तक तेल ठिकानों को निशाना नहीं बनाया: ट्रंप

उन्होंने यह भी कहा कि अब तक तेल ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया है, जो सबसे आसान लक्ष्य हो सकते थे. ट्रंप ने कहा, ‘हमने उनके तेल ठिकानों पर हमला नहीं किया, जबकि वह सबसे आसान लक्ष्य हैं, क्योंकि इससे उन्हें दोबारा खड़े होने या बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा.’ हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विकल्प अब भी मौजूद है. उन्होंने चेतावनी दी, ‘हम चाहें तो उस पर भी हमला कर सकते हैं और वह पूरी तरह खत्म हो जाएगा और वे कुछ भी नहीं कर पाएंगे.’

उन्होंने दावा किया कि ईरान की रक्षा क्षमताएं काफी हद तक पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं. ट्रंप ने कहा कि उनके पास कोई एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम नहीं बचा है, उनका रडार 100 प्रतिशत नष्ट हो चुका है. अमेरिका एक सैन्य शक्ति के रूप में अजेय है. उन्होंने अपने भाषण के दौरान यह भी कहा कि वह ईरान को पाषाण युग में पहुंचा देंगे. 

ट्रंप ने अपने संबोधन में और क्या-क्या कहा?

उन्होंने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ पर भी अपडेट दिया. इसे उन्होंने ‘दुनिया के नंबर एक आतंकवाद प्रायोजक देश- ईरान’ के खिलाफ चलाया गया अभियान बताया. ट्रंप ने दावा किया कि ‘पिछले चार हफ्तों में हमारी सेनाओं ने युद्ध के मैदान में तेज, निर्णायक और जबरदस्त जीत हासिल की है.’

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि विरोधी की समुद्री और हवाई ताकत को व्यवस्थित रूप से खत्म कर दिया गया है. उन्होंने कहा, ‘ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उसकी वायुसेना बर्बाद हो गई है, उसके ज्यादातर नेता, जिन्हें हम आतंकवादी मानते हैं, मारे जा चुके हैं.’ उन्होंने यह भी कहा कि ईरान का सैन्य ढांचा काफी कमजोर हो गया है. उन्होंने कहा कि ईरान की ‘मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता काफी कम हो गई है. हथियार फैक्ट्रियां और रॉकेट लॉन्चर तबाह किए जा रहे हैं, वे अब बहुत कम बचे हैं.’ 

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ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ‘पहले से कहीं ज्यादा बड़ी जीत’ हासिल कर रहा है. ट्रंप के इस संबोधन से यह साफ संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन दोहरी रणनीति अपना रहा है. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत के रास्ते खुले रखे गए हैं, वहीं दूसरी तरफ अगर बातचीत विफल होती है तो निर्णायक सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है.

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By Anant narayan shukla

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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