ट्रंप के करीबी मंत्री का बेटा रूस की वॉन्टेड लिस्ट में, यूक्रेन की तरफ से लड़ा था युद्ध

अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के बेटे कॉनर कैनेडी रूस की अंतरराष्ट्रीय वॉन्टेड लिस्ट में शामिल किए गए हैं. रूस का आरोप है कि उन्होंने यूक्रेनी सेना के साथ भाड़े के लड़ाके के तौर पर काम किया.

Russia Ukraine War: रूस ने अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के बेटे कॉनर कैनेडी को अपने इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में डाल दिया गया है. उनके ऊपर यूक्रेन युद्ध में यूक्रेनी सेना के साथ लड़ने का आरोप लगाया गया है. रूस की अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी में गिरफ्तारी का आदेश भी दिया है. रूसी अधिकारियों के हाथ लगने पर कॉनर को 7 से 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है.

द न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, मॉस्को की बासमानी जिला अदालत ने कॉनर कैनेडी की गैरमौजूदगी में गिरफ्तारी को मंजूरी दी है. रूसी सरकारी समाचार एजेंसी तास ने बताया कि उन पर यूक्रेनी सशस्त्र बलों के लिए भाड़े के लड़ाके के तौर पर काम करने का आरोप है.

2022 में चुपचाप यूक्रेन पहुंचे थे कॉनर

32 वर्षीय कॉनर ने अक्टूबर 2022 में इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताया था कि वह रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन की इंटरनेशनल लीजन में शामिल होने के लिए चुपचाप कीव पहुंच गए थे. उन्होंने बताया था कि यूक्रेन में अपनी मौजूदगी के बारे में उन्होंने केवल एक व्यक्ति को जानकारी दी थी और कीव में भी सिर्फ एक व्यक्ति को अपना असली नाम बताया था.

कॉनर ने लिखा था, 'पिछले एक साल में यूक्रेन में जो कुछ हो रहा था, उसे देखकर मैं भी बहुत प्रभावित हुआ था. मैं मदद करना चाहता था.' उन्होंने बताया कि उन्हें यूक्रेन की इंटरनेशनल लीजन के बारे में पता चला, उसमें शामिल होने का फैसला किया और अगले ही दिन दूतावास पहुंचकर भर्ती हो गए. कॉनर ने कहा था कि वह नहीं चाहते थे कि उनके परिवार या दोस्त परेशान हों और न ही वह चाहते थे कि वहां उनके साथ किसी अलग तरह का व्यवहार किया जाए.

सैन्य अनुभव नहीं था, फिर भी मोर्चे पर गए

कॉनर ने बताया था कि उनके पास पहले से कोई सैन्य अनुभव नहीं था और वह 'बहुत अच्छे निशानेबाज भी नहीं थे.' हालांकि, उन्होंने कहा कि भारी सामान उठाने में वह अच्छे थे और चीजें तेजी से सीख लेते थे. उन्होंने यह भी कहा था कि वह यूक्रेन में अपनी जान गंवाने के लिए भी तैयार थे. इसके बाद इंटरनेशनल लीजन ने उन्हें जल्द ही देश के उत्तर-पूर्वी मोर्चे पर भेजने की सहमति दे दी. कॉनर करीब ढाई महीने तक यूक्रेन के फ्रंटलाइन इलाके में रहे, जिसके बाद वह अमेरिका लौटे और जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में अपनी कानून की पढ़ाई फिर शुरू कर दी.

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पिता से भी छिपाकर रखा था युद्ध में जाना

दिवंगत अमेरिकी सीनेटर रॉबर्ट एफ. कैनेडी के पोते कॉनर ने यूक्रेन जाने की बात अपने पिता और अपनी सौतेली मां चेरिल हाइन्स से भी छिपाई थी. पीपल के मुताबिक, उन्होंने परिवार को बताया था कि वह उस गर्मी में लॉस एंजिलिस की एक लॉ फर्म में काम करने का फैसला बदल चुके हैं. बाद में उनके माता-पिता को शक हुआ, क्योंकि उनके क्रेडिट कार्ड बिलों में पोलैंड और यूक्रेन में किए गए खर्च सामने आए.

रूस की लिस्ट में और विदेशी लड़ाके भी

कॉनर कैनेडी अकेले विदेशी नागरिक नहीं हैं जिन्हें रूस ने वॉन्टेड लिस्ट में शामिल किया है. तास के अनुसार,  37 साल के अमेरिकी नागरिक इंग्राम असबिल ट्रेसी जेम्स और ब्रिटिश नागरिक शोर्नी जोसेफ रिचर्ड रयान भी इस सूची में शामिल हैं.

कैनेडी परिवार का राजनीति में पुराना दखल

कैनेडी परिवार अमेरिकी पॉलिटिक्स का जाना पहचाना नाम है. कॉनर कैनेडी के पिता रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर फिलहाल ट्रंप सरकार में मंत्री हैं. उनके पिता का नाम भी रॉबर्ट एफ. कैनेडी सीनियर था, वे सीनेटर रहे थे. रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर कुल 11 भाई बहन हैं. रॉबर्ट एफ. कैनेडी सीनियर के बड़े भाई जॉन एफ कैनेडी अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके हैं. रॉबर्ट एफ. कैनेडी सीनियर के एक और भाई एडवर्ड एम कैनेडी भी सीनेटर थे. वैसे जॉन एफ कैनेडी भी कुल मिलाकर 9 भाई बहन थे. ऐसे में अमेरिका में यह परिवार राजनीति के साथ अपनी संख्या के मामले में भी अन्य लोगों से ज्यादा मजबूत है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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