पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा चीन का रॉकेट, वैज्ञानिकों ने खतरे को लेकर किया अलर्ट

चीन ने जिस रॉकेट को लॉन्च किया था, वह अब वापस पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. हैरानी की बात है कि चीन पर अब उसका कोई भी नियंत्रण नहीं है. बताया जा रहा है 23 टन भारी रॉकेट पृथ्वी के किस हिस्से में गिरेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है. लिहाजा वैज्ञानिकों ने संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है.

चीन अंतरिक्ष में भी अपनी धाक जमाने की कोशिश में लगा है. 1 नवंबर को उसने अंतिम लैब मॉड्यूल ‘मेंग्शन’ को निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचाया. इसे अमेरिका के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अंतरिक्ष में अपनी मौजूदगी बनाए रखने के चीन के एक दशक से भी ज्यादा पुराने प्रयासों का हिस्सा बताया जा रहा है. लेकिन अब चीन का यही रॉकेट पृथ्वी के लिए खतरा बन गया है. बताया जा रहा है, यह क्रैश कर गया है और लगातार पृथ्वी की ओर से तेजी से बढ़ रहा है.

पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा चीन का रॉकेट

बताया जा रहा है, चीन ने जिस रॉकेट को लॉन्च किया था, वह अब वापस पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है. हैरानी की बात है कि चीन पर अब उसका कोई भी नियंत्रण नहीं है. बताया जा रहा है 23 टन भारी रॉकेट पृथ्वी के किस हिस्से में गिरेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है. लिहाजा वैज्ञानिकों ने संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है.

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5 नवंबर को वायुमंडल में ध्वस्त होने की आशंका, मलवे से खतरा

वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि चीन का भारी-भरकम रॉकेट पांच नवंबर को वायुमंडल में ध्वस्त हो जाएगा. हालांकि उसके बाद मलबा टूटकर पृथ्वी में कहीं भी गिर सकता है. रॉ‍केट के आकार को हम ऐसे समझ सकते हैं, यह 10 मंजिला इमारत के आकार का बताया जा रहा है. यह पहली बार नहीं है, जब चीन का रॉकेट वापस पृथ्वी पर गिरा हो. इससे पहले इसी साल जुलाई में चीन का एक रॉकेट लॉन्च होने के बाद वापस पृथ्वी में गिरा. बताया जाता है, लॉन्ग मार्च 5बी रॉकेट मलेशिया में कहीं गिरा था.

23 टन भारी और 58.7 फुट ऊंचा है रॉकेट

मेंग्शन का वजन करीब 23 टन, ऊंचाई 58.7 फुट और मोटाई 13.8 फुट है. चीन की अगले साल शुनशन अंतरिक्ष दूरबीन भेजने की योजना है जो तियांगोग का हिस्सा नहीं है लेकिन यह स्टेशन की कक्षा की परिक्रमा करेगी और उसकी देखरेख पर नजर रखेगी.

रॉकेट को वेनचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से किया गया था लॉन्च

मेंग्शन को दक्षिणी द्वीपीय प्रांत हैनान पर वेनचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से सोमवार दोपहर को भेजा गया था. इसे अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने के लिए 13 घंटे का वक्त लगने की संभावना थी. इस मॉड्यूल के प्रक्षेपण के वक्त कई लोगों ने चीनी झंडे लहराए थे. दरअसल मेंग्शन या सेलेस्टियन ड्रीम्स चीन के निर्माणाधीन अंतरिक्ष स्टेशन तियांगोंग के लिए दूसरा लैब मॉड्यूल है. दोनों तियान्हे कोर मॉड्यूल से जुड़े हैं जहां अंतरिक्ष यात्री रहते और काम करते हैं. चीन के सबसे बड़े रॉकेट में शामिल लांग मार्च-5बी के जरिए मेंग्शन का प्रक्षेपण किया गया था. चीन अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, तियांगोंग में अभी दो पुरुष और एक महिला अंतरिक्ष यात्री मौजूद हैं. चेन डोंग, काई शुझे और लियु यांग छह महीने के अभियान पर जून की शुरुआत में अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचे थे. वे स्टेशन के निर्माण का काम पूरा करेंगे, अंतरिक्ष में चहलकदमी और अतिरिक्त प्रयोग करेंगे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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