चीन का जापान को बड़ा झटका! रेयर अर्थ और ड्यूल-यूज आइटम्स पर तुरंत रोक, ताइवान बयान से तनाव बढ़ा
China Japan Taiwan Dispute: चीन ने जापान को चेतावनी दी और कुछ ड्यूल-यूज आइटम और रेयर अर्थ मिनरल्स का एक्सपोर्ट रोक दिया. प्रधानमंत्री साने ताकाइची के ताइवान पर दिए गए बयानों से दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक तनाव और बढ़ गया है. जानें कि इस कदम का जापान की इंडस्ट्री और सुरक्षा पर क्या असर पड़ सकता है और इससे दोनों देशों के रिश्तों पर क्या नया दबाव पड़ेगा.
China Japan Taiwan Dispute: चीन और जापान के रिश्ते हमेशा से थोड़े तनावपूर्ण रहे हैं. व्यापारिक साझेदारी के बावजूद ऐतिहासिक अविश्वास और भू-राजनीतिक मतभेद अक्सर सामने आते रहते हैं. हाल ही में ताइवान पर जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की टिप्पणियों ने दोनों देशों के बीच नया विवाद खड़ा कर दिया है.
China Japan Taiwan Dispute in Hindi: चीन ने जापान को दी कड़ी चेतावनी
चीन ने मंगलवार को घोषणा की कि वह कुछ ड्यूल-यूज आइटम्स और रेयर अर्थ मिनरल्स की जापान में एक्सपोर्ट पर रोक लगा रहा है. ड्यूल-यूज आइटम्स वो सामान हैं जो नागरिक और सेना दोनों इस्तेमाल कर सकते हैं. यह रोक तुरंत प्रभावी होगी और इसका मकसद चीन की चिंताओं को दिखाना है.
कौन-कौन सी चीजें प्रभावित होंगी
हालांकि चीन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन-किन चीजों की एक्सपोर्ट रोकी जाएगी, लेकिन ड्यूल-यूज आइटम्स की सूची में रेयर अर्थ, एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और एविएशन पार्ट्स, ड्रोन और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी शामिल हैं. रेयर अर्थ माइनरल्स का महत्व बहुत बड़ा है क्योंकि ये मोबाइल, कार और F-35 जैसे एडवांस्ड हथियारों में इस्तेमाल होते हैं. सीएनएन के अनुसार, 2024 में जापान अपनी रेयर अर्थ की 63 प्रतिशत जरूरत चीन से पूरी करता था. फिलहाल, इस रोक के पूरा असर और जापान पर इसका प्रभाव अभी स्पष्ट नहीं है. (China Bans Rare Earth Dual Use Items To Japan in Hindi)
चीन-जापान का कूटनीतिक विवाद
यह कदम उस राजनीतिक खींचतान के बीच आया है जो ताइवान को लेकर चीन और जापान के बीच बढ़ी है. प्रधानमंत्री ताका इची के बयान को चीन ने अपने क्षेत्र में दखल माना. चीन और जापान मजबूत व्यापारिक साझेदार हैं, लेकिन ऐतिहासिक अविश्वास और इलाके व सैन्य विवाद अक्सर रिश्तों में तनाव पैदा करते हैं. ताकाइची, जो कंजर्वेटिव और चीन-हॉक्स नेता मानी जाती हैं, अपने बयान को धीरे-धीरे कम कर रही हैं.
विवाद के बाद चीन ने जापान के एंबेसडर को तलब किया और अपने नागरिकों को जापान यात्रा से बचने की चेतावनी दी. नवंबर में चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि जापान को “सम्मान के साथ व्यवहार करना चाहिए और साने ताकाइची के बयान को वापस लेकर रिश्ते सुधारने जैसे ठोस कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि सिर्फ अपना ताइवान पर रुख दोहराना चीन की चिंता को खत्म नहीं करता.
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