चीन ने ताइवान में फिर भेजे बम बरसाने वाले 13 लड़ाकू विमान, ताइपे ने ड्रैगन को खदेड़ने के लिए उठाए कड़े कदम

बता दें कि इसके पहले चीन ने अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र में अपने 38 लड़ाकू विमान भेजे थे. उस समय भी ताइवान ने उसके लड़ाकू विमानों को खदेड़ने का काम किया था.

ताइपे : ताइवान और चीन के बीच आपसी तनाव लगातार बढ़ता ही दिखाई दे रहा है. अमेरिकी चेतावनी के बावजूद चीन ने एक बार फिर ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में तेजी लाने के साथ ही बम बरसाने वाला 13 मिलिट्री एयरक्राफ्ट को भेजा है. उसने ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र में ऐसे वक्त पर बम बरसाने वाले मिलिट्री एयरक्राफ्ट की तैनाती की है, निकारागुआ ने ताइवान के साथ संबंध तोड़कर चीन के साथ रिश्ते जोड़ लिये हैं. उधर, खबर यह भी है कि चीन की इस नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए ताइवान ने भी अपनी ओर से कठोर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ाने के साथ ही बम बरसाने वाले करीब 13 मिलिट्री एयरक्राफ्ट को तैनात कर दिया है. इसके साथ ही, वह सैन्य अभ्यास के नाम पर ताइवान के समुद्री तट पर वायुरक्षा क्षेत्र में लगातार बम गिरा रहा है. चीन की ओर से ऐसी नापाक हरकत तब की जा रही है, जब अमेरिका और उसके सहयोगी राष्ट्रों ने ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र में चीन की सैन्य गतिविधियां और उसकी ताकत को कम करने के लिए कठोर कदम उठाए हैं.

इतना ही नहीं, अमेरिका और उसके सहयोगी राष्ट्रों की ओर से कदम उठाए जाने के बाद भी चीन ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र में मिलिट्री एयरक्राफ्ट से बम बरसा रहा है और सैन्य अभ्यास के नाम पर गोलियां बरसा रहा है. इसके साथ ही, दक्षिण चीन सागर में भी वह अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए खदानों को बिछाना शुरू कर दिया है.

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने मीडिया को जानकारी दी है कि चीन के 13 एयरक्राफ्ट में से दो एच-6 बमवर्षक विमान और एक वाई-8 इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्लेन दक्षिण पूर्वी ताइवान के वायुरक्ष क्षेत्र में बहुत अंदर तक घुस गया. वहीं, दूसरे 10 एयरक्राफ्ट में से एक वाई-8 पनडुब्बीरोधी फाइटर प्लेन, एक केजे-500 थर्ड जनरेशन एयरबोर्न, छह शेनयांग जे-16 और दो चेंगदू जे-10 फाइटर जेट्स को शामिल किया है, जो ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र में अभ्यास के नाम पर बम बरसाने का काम कर रहे हैं.

उधर, चीन के इस नापाक हरकत के खिलाफ ताइवान ने भी अपने वायुरक्षा क्षेत्र में एक लड़ाकू हवाई अभियान चलाया हुआ है. इसके साथ ही, उसने चीन के मिलिट्री एयरक्राफ्टों के संचालकों को रेडियो चेतावनी भेजकर आगाह किया है और चीनी सैन्य बेड़े को ट्रैक करने के लिए वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली को तैनात कर दिया है. बता दें कि वायुरक्षा पहचान क्षेत्र शुरुआती चेतावनी प्रणाली है, जो देशों को अपने हवाई क्षेत्र में घुसपैठ का पता लगाने में मदद करते हैं.

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बता दें कि इसके पहले चीन ने अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र में अपने 38 लड़ाकू विमान भेजे थे. उस समय भी ताइवान ने उसके लड़ाकू विमानों को खदेड़ने का काम किया था. चीन ने एक बार फिर अपने लड़ाकू विमानों को ताइवान के वायुरक्षा क्षेत्र में तैनात किया है, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है.

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