बांग्लादेश हिंसा पर क्या बोला ग्लोबल मीडिया, अमेरिका से लेकर यूरोप तक इन बातों पर रहा फोकस

Bangladesh Violence World Media Coverage: बांग्लादेश में 18 दिसंबर की रात से शुरू हुई हिंसा 19 नवंबर की सुबह तक जारी रही. इस दौरान सबसे ज्यादा नुकसान बांग्लादेश की मीडिया का हुआ और द डेली स्टार और प्रथम आलो इसके सबसे बड़े शिकार बने. वैश्विक मीडिया ने इस घटना पर रिएक्ट किया है.

Bangladesh Violence World Media Coverage: ढाका में उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा का भयानक रूप देखने को मिला. मीडिया के ऊपर हमले किए गए, पत्रकारों को दमघोटू धुएं में बंद किया गया. हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के बाद उन्हें 4 घंटे का टॉर्चर झेलने के बाद बचा लिया गया. बांग्लादेश के प्रमुख समाचार पत्र द डेली स्टार और प्रथम आलो इसके सबसे बड़े शिकार बने. उनके कार्यालय पर गुरुवार रात (18 दिसंबर 2025) हुए आगजनी हमले को अंतरराष्ट्रीय मीडिया में व्यापक कवरेज मिली है. रिपोर्टों में जलती इमारत के भीतर फंसे पत्रकारों, अखबार के प्रकाशन को अस्थायी रूप से रोकने और बांग्लादेश में प्रेस की आजादी को लेकर बढ़ती चिंताओं का जिक्र किया गया है. इन हमलों की वजह से दोनों समाचार पत्रों का शुक्रवार का अंक नहीं छपा. प्रथम आलो तो 27 सालों में पहली बार बिना किसी एडिशन के लोगों के बीच नहीं पहुंचा. 

दुनिया भर के वैश्विक समाचार संगठनों ने बताया कि यह हमला इंकिलाब मंचो के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़के प्रदर्शनों के दौरान हुआ. यह राजधानी में प्रमुख मीडिया संस्थानों को निशाना बनाकर की गई तोड़फोड़ की व्यापक लहर का हिस्सा था. सभी प्रमुख पत्रों के बारे में देखें-

न्यूयॉर्क टाइम्स ने पत्रिका पर हमले को प्रमुखता दी

बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की मौत के बाद ढाका में भारी हिंसा भड़क गई. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासन के मुखर आलोचक रहे हादी की 12 दिसंबर को सिर में गोली मारी गई थी और गुरुवार को सिंगापुर के अस्पताल में उनकी मौत हो गई. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने देर रात सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की और राजधानी समेत कई शहरों में हिंसा व आगजनी की घटनाएं हुईं. ढाका में उग्र भीड़ ने प्रमुख अख़बार द डेली स्टार के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया, जहां अंदर फंसे पत्रकारों ने दम घुटने की शिकायत की. एक अन्य पत्रकार ने बताया कि उसने कार्यालय की ओर नारेबाजी करते हुए बढ़ती भीड़ देखी, जिससे देश में लोकतंत्र और प्रेस की आज़ादी को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई.

अल जजीरा ने हादी की मौत को दी प्रमुखता

अल जजीरा ने बताया कि हादी की मौत को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन गुरुवार देर रात हिंसक हो गए और मीडिया दफ्तरों, राजनीतिक इमारतों व सांस्कृतिक संस्थानों को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने प्रथम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों में तोड़फोड़ की, जिसके बाद दमकलकर्मियों ने द डेली स्टार में लगी आग पर काबू पाया. अंदर फंसे पत्रकारों को बाद में बचा लिया गया और मौके पर सेना की तैनाती की गई. अल जजीरा ने कहा कि अगले दिन सुबह सड़कों पर हालात काफी हद तक शांत थे, लेकिन शुक्रवार की नमाज से पहले तनाव बना रहा.

BBC ने कहा- सांस के लिए तरस रहे थे

बीबीसी ने अखबार कर्मचारियों के प्रत्यक्ष बयान साझा किए, जिन्होंने कहा कि आग लगने के दौरान वे- सांस के लिए तरस रहे थे. रिपोर्ट में बताया गया कि सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने द डेली स्टार और प्रथम आलो के दफ्तरों पर धावा बोल दिया, जिससे कर्मचारियों को छत पर शरण लेनी पड़ी. कंसल्टिंग एडिटर कमाल अहमद ने बीबीसी को बताया कि 28 सहकर्मी घंटों तक छत पर फंसे रहे और अतिरिक्त सैन्य बल पहुंचने के बाद ही उन्हें बचाया जा सका. बीबीसी ने यह भी बताया कि 35 साल के इतिहास में पहली बार द डेली स्टार अपना प्रिंट संस्करण शुक्रवार को प्रकाशित नहीं कर सका.

अमेरिकी वेबसाइट CNN 

बांग्लादेश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद गुरुवार देर रात ढाका सहित कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे. हादी पर पिछले सप्ताह चुनाव अभियान की शुरुआत के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने गोली चलाई थी. सिंगापुर में इलाज के दौरान छह दिन लाइफ सपोर्ट पर रहने के बाद उनकी मौत हो गई. इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने ढाका में प्रथम आलो और डेली स्टार जैसे प्रमुख अखबारों के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की. हालात को देखते हुए सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि देश के कई हिस्सों में तनाव बना हुआ है.

अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हादी की मौत को देश की राजनीति और लोकतंत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. इस बीच, चटगांव समेत अन्य शहरों में भी हिंसा की खबरें हैं और शेख हसीना के भारत जाने के बाद से भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं.

बांग्लादेश हिंसा पर वैश्विक मीडिया कवरेज.

द स्ट्रेट्स टाइम्स

सिंगापुर के द स्ट्रेट्स टाइम्स ने रिपोर्ट किया कि हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के सबसे बड़े अख़बारों को आगजनी करने वालों ने निशाना बनाया, जिससे दमकलकर्मियों को जलती इमारत से पत्रकारों को निकालना पड़ा. रिपोर्ट में जायमा इस्लाम की फेसबुक पोस्ट का हवाला दिया गया, जिसमें उन्होंने द डेली स्टार की इमारत के भीतर दमघोंटू हालात का जिक्र किया. साथ ही, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स द्वारा प्रेस के खिलाफ हिंसा पर जताई गई चिंता को भी रेखांकित किया गया.

France 24 News ने भारत की चिंता को उठाया

इन सबके बीच फ्रांस के 24 न्यूज ने भारत की चिंता को प्रमुखता दी है. उसने हेडिंग दी है कि सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत के बयान के बाद बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन. शेख हसीना के छात्र आंदोलन के बाद भारत भागने के बाद से भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बना हुआ है. ढाका लगातार उनकी प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि दिल्ली ने कहा है कि वह इन अनुरोधों की समीक्षा कर रहा है. 

इसी बीच राजशाही में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सहायक उच्चायोग की ओर मार्च कर शेख हसीना समेत सभी कथित हत्यारों की वापसी की मांग की, हालांकि पुलिस ने प्रदर्शन रोकते हुए उनकी मांगें आगे भेजने का आश्वासन दिया. इससे पहले ढाका में भी भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च की कोशिश हुई थी, जिस पर भारत ने बांग्लादेश के शीर्ष राजनयिक को तलब कर कट्टरपंथी तत्वों की गतिविधियों पर चिंता जताई और अंतरिम सरकार से राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा. 

उस्मान हादी की मौत के बाद जल उठा बांग्लादेश.

न्यूज एजेंसी AFP

AFP ने फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस के हवाले से बताया कि हादी की मौत की खबर फैलने के बाद गुरुवार रात ढाका में आगजनी की कम से कम तीन घटनाएं दर्ज की गईं. इनमें द डेली स्टार और प्रथम आलो के दफ्तरों वाली इमारतों में लगी आग भी शामिल थी. द डेली स्टार की रिपोर्टर जायमा इस्लाम ने AFP को बताया कि वह धुएं से भरी इमारत के अंदर फंसी हुई थीं. बाद में उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “मैं अब सांस नहीं ले पा रही हूं. बहुत ज्यादा धुआं है. मैं अंदर हूं. आप मुझे मार रहे हैं.”

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स

रॉयटर्स ने बताया कि हादी की हत्या के बाद भड़के प्रदर्शनों के दौरान आगजनी करने वालों ने द डेली स्टार की इमारत को आग लगा दी, जिसके बाद दमकलकर्मियों ने पत्रकारों को बाहर निकाला. एजेंसी के अनुसार, द डेली स्टार और प्रथम आलो समेत कई इमारतों में तोड़फोड़ की गई और आगजनी की गई. रिपोर्ट में कहा गया कि धुआं तेजी से फैलने के कारण अंदर फंसे कर्मचारी बाहर नहीं निकल सके. दमकलकर्मियों ने 1:40 बजे आग पर काबू पाने के बाद 27 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला.

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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