Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को लेकर डाउनटाउन टोरंटो में विरोध प्रदर्शन, कहा- हमें न्याय चाहिए

Bangladesh Violence: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद भी बांग्लादेश में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है. बांग्लादेशी हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और अत्याचार के मामले बढ़ने लगे हैं.

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में मंदिरों और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के घरों और व्यवसायों पर भी निशाना बनाया जा रहा है. इसको लेकर बांग्लादेश की राजधानी ढाका और उत्तर-पूर्वी बंदरगाह शहर चटगांव में लगातार अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के हजारों सदस्यों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया. इधर हिंसा के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए हजारों कनाडाई लोगों ने रविवार को डाउनटाउन टोरंटो में विरोध प्रदर्शन किया. हिंदू, ईसाई, बौद्ध और यहूदी मूल के कनाडाई लोग डाउनटाउन टोरंटो में एकत्र हुए. विरोध प्रदर्शन में लोग नारे लगाते देखे गए, हमें न्याय चाहिए – बांग्लादेश बांग्लादेश. बांग्लादेशी हिंदुओं को शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और सोमवार को भारत भाग जाने के बाद हिंसा और लूटपाट का खामियाजा भुगतना पड़ा है.

हिंसा से बचने के लिए बांग्लादेशी हिंदू भारत भाग रहे

हिंसा से बचने के लिए हजारों बांग्लादेशी हिंदू पड़ोसी भारत भाग रहे हैं. बांग्लादेश की 170 मिलियन आबादी में लगभग 8 प्रतिशत हिंदू पारंपरिक रूप से हसीना की अवामी लीग पार्टी का समर्थन करते रहे हैं, जिसे पिछले महीने आरक्षण विरोधी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पों के बाद विरोध का सामना करना पड़ा है.

अंतरिम सरकार के प्रमुख यूनुस ने अल्पसंख्यकों पर हमलों की निंदा की

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हिंसा प्रभावित देश में अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की निंदा करते हुए इन्हें जघन्य करार दिया और युवाओं से सभी हिंदू, ईसाई और बौद्ध परिवारों की रक्षा करने का आग्रह किया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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