चमत्कारिक… बेस्ट फादर का अवॉर्ड दो… चलती ट्रेन के नीचे बच्चे को बचाने के लिए लेटा रहा पिता, Video

Father Saved Son underneath moving train: अपने बच्चे को बचाने के लिए मां-बाप अपनी जान की बाजी भी लगा देते हैं. इसकी एक बानगी बांग्लादेश से आए वीडियो में देखने को मिली, जहां अपने बेटे को बचाने के लिए पिता चलती ट्रेन के नीचे लेटा रहा.

Father Rescued Son underneath moving train: बांग्लादेश से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बच्चे को बचाने के लिए पिता ने चलती ट्रेन के नीचे कूद पड़ा. पिता ने यह फैसला कुछ सेकेंड्स में लिया, जिसकी हर तरफ वाहवाही हो रही है. बच्चा प्लेटफॉर्म से गिरकर ट्रैक पर गिर गया, ठीक उसी समय एक ट्रेन उस पर से गुजरी. लेकिन पिता ने अपनी जान की परवाह न करते हुए ट्रेन के पास आने से पहले बच्चे को अपने शरीर के नीचे ढक लिया.

यह घटना 28 अप्रैल को बांग्लादेश के भैरब रेलवे स्टेशन पर हुई. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि ट्रेन के कई डिब्बे सीधे उनके ऊपर से गुजरते हैं, जबकि आसपास खड़े लोग हैरानी से सारा नजारा देख रहे हैं, लेकिन वे कुछ कर नहीं पाते. लेकिन कहा जाता है न कि ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’. इस घटना में पिता और बच्चा दोनों बिना किसी गंभीर चोट के बच गए. 

जैसे ही ट्रेन ट्रैक से आगे बढ़ी, आसपास मौजूद लोग उनकी ओर दौड़े और राहत की सांस ली. कई लोगों ने पिता की सूझबूझ और बहादुरी की जमकर तारीफ की. यह घटना आसानी से जानलेवा साबित हो सकती थी, लेकिन पिता ने अपनी परवाह न करते हुए बच्चे को बचाया. घटना के बाद संभवतः बच्चे की मां ने उसे गले लगाया, उसकी आंखों में आंसू दिख रहे थे. 

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. यूजर्स ने पिता को हीरो बताया और अपने बच्चे को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने के उनके फैसले की सराहना की. एक यूजर ने लिखा, ‘उन्हें वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पिता का पुरस्कार दीजिए.’ वहीं, दूसरे ने कहा, ‘यह चमत्कारिक है.’

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एक यूजर ने कहा कि यह अविश्वसनीय सूझबूझ का उदाहरण है. अधिकांश लोग डर के मारे फ्रीज हो जाते, लेकिन एक पिता का अपने बच्चे को ट्रेन के ऊपर से गुजरते समय बचाने का सहज प्रयास ही असली हीरो की परिभाषा है. दोनों का बाल-बाल बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है. मानवता का यही उत्कृष्ट उदाहरण है.

स्थानीय मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रेन करीब 90 मिनट लेट थी और अपने स्टॉप के दौरान पिता किसी कारण से उतर नहीं पाए थे. लेकिन जैसे ही ट्रेन दोबारा चलने लगी, उन्होंने बच्चे को गोद में लेकर उतरने की कोशिश की. इसी दौरान बच्चा उनके हाथ से फिसलकर नीचे गिर गया था. हालांकि, उन्होंने बच्चे को बचा लिया. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मां-बाप अपने बच्चे को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी भी लगा देते हैं. 

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By Anant narayan shukla

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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