बांग्लादेश की जेल से बाहर नहीं आएंगे हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास, जानिए क्यों?

Chinmoy Krishna Das: चिन्मय कृष्ण दास की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों की एक टीम सुबह करीब 10:15 बजे अदालत में पहुंची थी. हालांकि, उनकी सभी कोशिशों के बावजूद, अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया.

Chinmoy Krishna Das: बांग्लादेश की एक अदालत ने हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच हुई सुनवाई में ISKCON के पूर्व पुजारी चिन्मय कृष्ण दास को जमानत देने से इनकार कर दिया गया. डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, चटगांव मेट्रोपॉलिटन सेशंस जज, मोहम्मद सैफुल इस्लाम ने लगभग 30 मिनट तक दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस फैसले पर पहुंचने का निर्णय लिया.

इस हाई-प्रोफाइल मामले में, चिन्मय कृष्ण दास की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के 11 वकीलों की एक टीम सुबह करीब 10:15 बजे अदालत में पहुंची थी. हालांकि, उनकी सभी कोशिशों के बावजूद, अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया.

इससे पहले, द डेली स्टार से बातचीत में, उनके वकील अपूर्बा कुमार भट्टाचार्जी ने कहा था, “हम एंजीबी ओइक्या परिषद के बैनर तले चटगांव आए हैं और चिन्मय की जमानत के लिए याचिका दायर करेंगे. मुझे चिन्मय से पहले ही वकालतनामा मिल चुका है. मैं सुप्रीम कोर्ट और चटगांव बार एसोसिएशन का सदस्य हूं, इसलिए मुझे स्थानीय वकील से किसी भी तरह की अनुमति की आवश्यकता नहीं है.”

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By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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