नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह उर्फ ‘बालेन’ सोमवार ( 10 अगस्त ) को भारत और चीन के राजदूतों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय मिटिंग करेंगे. प्रधानमंत्री पद संभालने के 100 से ज्यादा दिनों बाद यह उनकी पहली ऐसी आमने-सामने की कूटनीतिक बातचीत होगी. इसके बाद मंगलवार (11 अगस्त ) को वह अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी से भी मुलाकात करेंगे.
पहले भारतीय राजदूत, फिर चीनी राजदूत से मुलाकात
नेपाल के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, बालेन शाह सोमवार सुबह भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात करेंगे. इसके बाद दोपहर बाद चीनी राजदूत झांग माओमिंग प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचेंगे. दोनों बैठकों का एक ही दिन होना नेपाल की विदेश नीति को लेकर खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, नेपाल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय राजदूत को पहले और चीनी राजदूत को उसके बाद मिलने के लिए कहा गया है. अधिकारी के मुताबिक, दोनों राजदूतों से एक ही दिन मुलाकात हो रही है, लेकिन बैठक का समय सरकार की विदेश नीति की प्राथमिकताओं का संकेत भी देता है.
मंगलवार को अमेरिकी दूत से मुलाकात
भारत और चीन के राजदूतों से मुलाकात के अगले दिन मंगलवार को बालेन शाह अमेरिकी दूतावास के प्रभारी स्कॉट अर्बोम और अन्य राजनयिकों से बैठक करेंगे. इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा और संबंधित सरकारों के संदेश प्रधानमंत्री तक पहुंचाए जाने की संभावना है.
पहले सामूहिक मुलाकात को दी थी तरजीह
इससे पहले बालेन शाह अलग-अलग राजदूतों के साथ आमने-सामने मुलाकात से बचते रहे हैं. 8 अप्रैल को उन्होंने ‘सिंह दरबार’ में 17 राजदूतों और राजनयिक मिशनों के प्रमुखों के साथ संयुक्त शिष्टाचार मुलाकात की थी, जिसमें भारत और चीन के प्रतिनिधि भी शामिल थे.
एडीबी अध्यक्ष से मिलकर तोड़ा था अपना नियम
बालेन शाह ने इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों से आमने-सामने की मुलाकात से इनकार किया था. हालांकि, एशियाई विकास बैंक के अध्यक्ष मासातो कांडा के साथ बैठक कर उन्होंने अपने ही बनाए नियम को तोड़ा था. कांडा 6 जुलाई को तीन दिवसीय नेपाल दौरे पर आए थे.
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