आसिम मुनीर का शेख चिल्ली लॉजिक, देश छोड़कर जाने वाले डॉक्टर-इंजीनियर; पाकिस्तान का का ब्रेन गेन

Asim Munir Brain Gain Statement: पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर सरकार का मजाक उड़ाया जा रहा है, जिन्होंने कुछ समय पहले इस बड़े पलायन को ब्रेन ड्रेन मानने से इनकार करते हुए इसे ब्रेन गेन करार दिया था. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 महीनों में देश से लगभग 5,000 डॉक्टर, 11,000 इंजीनियर और 13,000 अकाउंटेंट विदेश चले गए. साल 2024 में 7,27,381 पाकिस्तानी नागरिकों ने विदेश में नौकरी के लिए पंजीकरण कराया था. वहीं इस साल नवंबर तक 6,87,246 लोग ऐसा कर चुके हैं.

Asim Munir Brain Gain Statement: किसी भी देश की असली ताकत उसकी सीमाओं के भीतर मौजूद टैंक, मिसाइलें या भाषण नहीं होते, बल्कि वे लोग होते हैं जो अस्पताल चलाते हैं, पुल बनाते हैं, उद्योग खड़े करते हैं और भविष्य की तकनीक पर काम करते हैं. लेकिन जब वही लोग बड़ी संख्या में देश छोड़ने लगें, तो यह सिर्फ माइग्रेशन नहीं, बल्कि सिस्टम की असफलता का संकेत होता है. लेकिन पाकिस्तान के लिए प्रतिभा का पलायन एक चेतावनी नहीं, बल्कि उसका लाभ है. पाकिस्तान इस वक्त अपने इतिहास के सबसे गंभीर ब्रेन ड्रेन के दौर से गुजर रहा है. इस खुलासे के बाद पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर सरकार का मजाक उड़ाया जा रहा है और सेना प्रमुख असीम मुनीर को भी निशाने पर लिया जा रहा है, जिन्होंने कुछ समय पहले इस बड़े पलायन को ब्रेन ड्रेन मानने से इनकार करते हुए इसे ब्रेन गेन करार दिया था.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 महीनों में देश से लगभग 5,000 डॉक्टर, 11,000 इंजीनियर और 13,000 अकाउंटेंट विदेश चले गए. अगस्त में अमेरिका दौरे के दौरान प्रवासी पाकिस्तानियों को संबोधित करते हुए असीम मुनीर ने कहा कि विदेश जाना “ब्रेन ड्रेन नहीं, ब्रेन गेन” है, क्योंकि प्रवासी पाकिस्तानी रेमिटेंस भेजते हैं और देश का नाम रोशन करते हैं. यह बयान सुनने में सकारात्मक जरूर लगता है, लेकिन आलोचकों के मुताबिक यह हकीकत से ध्यान हटाने की कोशिश है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इस हफ्ते प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में लिखा, “जैसे-जैसे पाकिस्तान 2026 में प्रवेश कर रहा है, ‘एक्सोडस ऑफ 2025’ इस दौर की निर्णायक पहचान बन गया है. पाकिस्तान एक ‘ब्रेन ड्रेन इकोनॉमी’ में बदल चुका है, जो अपने भविष्य के निर्माण के लिए जिन लोगों की जरूरत है, उन्हीं के निर्यात पर निर्भर है.”

असीम मुनीर पर पाकिस्तानी जनता का तंज

डॉक्टरों और इंजीनियरों के बड़े पैमाने पर देश छोड़ने से जुड़े ताजा आंकड़ों ने सोशल मीडिया पर व्यंग्य और कटाक्ष की बाढ़ ला दी है. अब असीम मुनीर सोशल मीडिया पर मजाक का पात्र बन गए हैं. एक यूजर ने ट्वीट किया, “इस जेहनी मरीज के मुताबिक, यह ब्रेन गेन है.” एक अन्य यूजर ने लिखा, “वह इसे ‘ब्रेन गेन’ कहते हैं… इन लोगों की अज्ञानता इस हद तक पहुंच चुकी है कि यह देश को गंभीर तबाही की ओर ले जा सकती है, लेकिन फिर भी वे याह्या खान की तरह गर्व और आत्मविश्वास से भरे नजर आते हैं, जैसे कुछ हुआ ही न हो.”

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थक साजिद सिकंदर अली ने कहा कि पाकिस्तान में ब्रेन ड्रेन कोई रहस्य नहीं है. उन्होंने ट्वीट किया, “न उद्योग है, न रिसर्च फंडिंग, न नौकरियां. पीएचडी धारक खाली लैब्स में लौटते हैं और प्रोफेशनल्स बंद बाजारों में. आप लोगों को एयरपोर्ट पर अपमानित करके प्रतिभा को नहीं रोक सकते, इसे केवल अवसर पैदा करके ही रोका जा सकता है.”

पाकिस्तान प्रवासन के आंकड़े क्या बताते हैं?

पाकिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े टैलेंट एक्सोडस (प्रतिभा पलायन) में से एक का सामना करता दिख रहा है. बिगड़ती आर्थिक स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता के बीच पिछले दो वर्षों में हजारों डॉक्टर, इंजीनियर और अकाउंटेंट देश छोड़ चुके हैं. हाल ही में आई एक सरकारी रिपोर्ट को पाकिस्तान के पूर्व सीनेटर मुस्तफा नवाज खोखर ने सामने रखा. उन्होंने ट्वीट किया, “अर्थव्यवस्था सुधारनी है तो पहले राजनीति सुधारनी होगी. पाकिस्तान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा फ्रीलांसिंग हब भी है, लेकिन इंटरनेट शटडाउन से 1.62 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है और 23.7 लाख फ्रीलांस नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं.” उन्होंने यह टिप्पणी प्रवासन से जुड़े आंकड़ों के साथ साझा की.

नर्सें भी जा रहीं विदेश

पाकिस्तान के ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन एंड ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट द्वारा हाल ही में जारी आंकड़े हालात की गंभीर तस्वीर पेश करते हैं. साल 2024 में 7,27,381 पाकिस्तानी नागरिकों ने विदेश में नौकरी के लिए पंजीकरण कराया था. वहीं इस साल नवंबर तक 6,87,246 लोग ऐसा कर चुके हैं. चिंता की बात यह है कि यह पलायन अब केवल खाड़ी देशों में मजदूरी करने वालों या अवैध तरीकों से विदेश जाने की कोशिश करने वालों तक सीमित नहीं रह गया है. सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य क्षेत्र पर पड़ा है. 2011 से 2024 के बीच पाकिस्तान में नर्सों के विदेश जाने की संख्या में 2,144 प्रतिशत की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई. एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक दो वर्षों में देश छोड़ने वालों की कुल संख्या 15 लाख से अधिक हो सकती है. यह संख्या आगे भी जारी रह सकती है. 

इंटरनेट शटडाउन संकट को और बढ़ाया

इस संकट को और गंभीर बनाने वाला कारक 2024 और 2025 के दौरान बार-बार हुआ इंटरनेट शटडाउन और राष्ट्रीय फायरवॉल की शुरुआत रही, जिसने पेशेवरों के अनुसार डिजिटल फ्रिक्शन को बढ़ाया. Top10VPN रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में इंटरनेट बंदी के कारण पाकिस्तान को दुनिया में सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा, करीब 1.62 अरब डॉलर. इस दौरान लगभग 9,735 घंटे इंटरनेट बाधित रहा, जिससे 8.29 करोड़ यूज़र्स प्रभावित हुए. फ्रीलांसरों ने, जिनकी वजह से पाकिस्तान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा गिग वर्कफोर्स देश माना जाता है, काम के अवसरों में 70 प्रतिशत तक गिरावट की बात कही.

हवाई अड्डे पर शरीफ सरकार ने बढ़ाई सख्ती

सफेदपोश पेशेवरों के अचानक बढ़ते पलायन के चलते शहबाज शरीफ सरकार ने हवाई अड्डों पर सख्ती बढ़ा दी है. वर्ष 2025 में अब तक 66,154 यात्रियों को पाकिस्तानी एयरपोर्ट्स से ऑफलोड किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है. यह कदम तस्करी और भीख मांगने वाले गिरोहों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया. इसके अलावा, खाड़ी देशों और अन्य देशों से हजारों पाकिस्तानियों को भीख मांगने और अवैध प्रवासन के आरोप में वापस भेजा गया. कुल मिलाकर, पाकिस्तान में सिर्फ कुशल पेशेवरों की कमी ही नहीं बढ़ रही, बल्कि असीम मुनीर जैसे नेताओं की बयानबाजी और देश की जमीनी हकीकत के बीच की खाई भी लगातार गहरी होती जा रही है. 

असीम मुनीर का ‘ब्रेन गेन’ दावा

पाकिस्तान की इस गंभीर स्थिति ने अमेरिका यात्रा के दौरान असीम मुनीर के ब्रेन गेन वाले बयान पर फिर से ध्यान खींचा है. प्रवासी पाकिस्तानियों को संबोधित करते हुए मुनीर ने उन्हें गौरव और सम्मान का स्रोत बताया था और “ब्रेन ड्रेन” की धारणा को खारिज करते हुए इसे ब्रेन गेन करार दिया था. एक एक्स यूजर ने लिखा कि ये पाकिस्तान से बाहर जाने वालों के आधिकारिक आंकड़े हैं. 2022 से ‘हाईली क्वालिफाइड’ और ‘हाईली स्किल्ड’ कॉलम के आंकड़े देखिए. फील्ड मार्शल असीम मुनीर के मुताबिक यही ‘ब्रेन गेन’ है. एक यूजर ने कहा कि अभूतपूर्व ब्रेन ड्रेन जारी है. जिसे भी विदेश में नौकरी मिल सकती है, वह जा रहा है. इससे पाकिस्तान कम से कम एक दशक पीछे चला जाएगा. यह बेहद खराब नीतिगत सोच का नतीजा है.

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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