Virginia Old Dominion University Shooting: अमेरिका के वर्जीनिया स्थित ओल्ड डोमिनियन यूनिवर्सिटी (ODU) में 12 मार्च को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यूनिवर्सिटी के कॉन्स्टेंट हॉल बिल्डिंग में चल रही एक क्लास के दौरान अचानक फायरिंग हो गई. स्थानीय मीडिया ‘डब्ल्यूटीकेआर न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में आर्मी आरओटीसी (ROTC) के प्रशिक्षक लेफ्टिनेंट कर्नल ब्रैंडन शाह की मौके पर ही मौत हो गई.
हमले की डिटेल्स
अधिकारियों ने बताया कि हमलावर सीधे उस क्लासरूम में दाखिल हुआ जहां आरओटीसी का सत्र चल रहा था. वहां घुसते ही उसने ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं. इस दुखद घटना में लेफ्टिनेंट कर्नल शाह शहीद हो गए, जबकि दो कैडेट्स घायल हो गए. घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आई हैं. हमले के तुरंत बाद संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है.
कौन था हमलावर और क्या है बैकग्राउंड?
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मोहम्मद बैलोर जलोह के रूप में हुई है, जो पहले आर्मी नेशनल गार्ड का हिस्सा रह चुका है. हैरान करने वाली बात यह है कि जलोह का पुराना रिकॉर्ड आपराधिक रहा है. उस पर पहले भी आतंकवाद से जुड़े मामले में दोष सिद्ध हो चुका है, जिसमें उस पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) का समर्थन करने की कोशिश करने का आरोप था. एफबीआई इस मामले को एक संभावित आतंकवादी हमले के तौर पर देख रही है.
कौन थे लेफ्टिनेंट कर्नल शाह
लेफ्टिनेंट कर्नल ब्रैंडन शाह अमेरिकी सेना के बेहद सम्मानित एविएशन एक्सपर्ट थे. उन्होंने 2003 में सेना जॉइन की थी और ऑपरेशन इराकी फ्रीडम व ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम जैसे कई अहम मिशनों में अपनी सेवा दी थी. वे इसी यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र भी थे और बाद में आर्मी आरओटीसी मोनार्क बटालियन को लीड करने और सैन्य विज्ञान पढ़ाने के लिए वापस लौटे थे.
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प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद यूनिवर्सिटी कैंपस में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने ‘शेल्टर इन प्लेस’ का अलर्ट जारी कर दिया था. एफबीआई ने कहा है कि आरओटीसी के छात्रों ने अगर तुरंत प्रतिक्रिया न दी होती, तो नुकसान और बड़ा हो सकता था.
वर्जीनिया की गवर्नर एबिगेल स्पैनबर्गर ने इस पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल शाह ने न केवल देश की सेवा की, बल्कि वे दूसरों को भी देश सेवा के लिए प्रेरित कर रहे थे. मैं उनके परिवार के साथ हूं. फिलहाल कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और छात्रों के लिए काउंसलिंग की सुविधा मुहैया कराई जा रही है.
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