Apple AI को मिला भारतीय बॉस, कौन हैं अमर सुब्रमण्य, जो सुधारेंगे कंपनी की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस

Amar Subramanya Apple AI new VP: एप्पल ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवीजन की कमान भारतीय मूल के अनुभवी वैज्ञानिक अमर सुब्रमण्य को सौंपी है. एप्पल को एआई रेस में पीछे माना जाता रहा है, अब कंपनी की कोशिश है कि वह अपने सभी गैजेट्स को नए एआई फीचर्स से लैस करे. अमर, जॉन जियानानड्रिया की जगह लेंगे.

Amar Subramanya Apple AI new VP: अमेरिकी टेक की दुनिया में भारतवंशियों का जलवा बदस्तूर जारी है. रिपब्लिकन पार्टी की सत्ता के शीर्ष और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में भले ही इंडियंस पर भले ही वीजा संबंधी कुछ अड़चनें भले ही आ रही हों, लेकिन भारतीय अपनी काबिलियत से जरूर चमक बिखेर रहे हैं. अब एप्पल ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवीजन की कमान भारतीय मूल के अनुभवी वैज्ञानिक अमर सुब्रमण्य को सौंपी है. कंपनी ने 1 दिसंबर को घोषणा की कि अमर को एप्पल के एआई विभाग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. वे जॉन जियानानड्रिया की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे. स्मार्टफोन क्वालिटी के लिए प्रसिद्ध होने के बावजूद, एप्पल को एआई रेस में पीछे माना जाता रहा है. वह प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अपने प्रोडक्ट्स में नई एआई क्षमताएँ शामिल करने में धीमा रहा है. अब कंपनी की कोशिश है कि वह अपने सभी गैजेट्स को नए एआई फीचर्स से लैस करे और इस बड़े बदलाव का नेतृत्व अमर करेंगे.

कौन हैं अमर सुब्रह्मण्य?

अमर सुब्रह्मण्य एप्पल जॉइन करने से पहले माइक्रोसॉफ्ट के एआई विभाग में कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट थे. इससे पहले, उन्होंने गूगल में 16 वर्षों तक काम किया, जहाँ वे अनेक तकनीकी परियोजनाओं का नेतृत्व करते रहे और जेमिनी असिस्टेंट के इंजीनियरिंग प्रमुख रहे. यही विशाल अनुभव उन्हें टेक-इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद और रणनीतिक सोच वाले एआई लीडर के रूप में स्थापित करता है. लिंक्डइन पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमर सुब्रमण्य ने 1997 से 2001 तक बैंगलोर यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक किया. इसके बाद उन्होंने 2005 से 2009 के बीच वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की. 

एप्पल ने जताई अधिक पर्सनलाइज्ड एआई की उम्मीद

अमर सुब्रमण्य अब एप्पल फाउंडेशन मॉडल्स, मशीन लर्निंग रिसर्च और AI से जुड़ी अन्य अहम पहलों का नेतृत्व करेंगे. उनकी शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा उन्हें आज वैश्विक एआई दुनिया के सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली नामों में शामिल करती है. एप्पल में उन्हें सीधे कंपनी के सॉफ्टवेयर प्रमुख क्रेग फेडेरिघी को रिपोर्ट करना होगा. एप्पल को उम्मीद है कि अमर एआई और मशीन लर्निंग में उनकी गहरी समझ और उनका अनुभव न केवल मौजूदा एआई सिस्टम को बेहतर बनाएगा, बल्कि भविष्य की एप्पल इंटेलिजेंस तकनीक को भी दिशा देगा. एप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा- हम अमर का टीम में स्वागत करते हैं और क्रेग के नेतृत्व में उनके अद्भुत एआई अनुभव का लाभ मिलेगा. अमर के शामिल होने से क्रेग की जिम्मेदारियाँ और एआई टीम और मजबूत होगी, जिसमें वह अगले साल उपयोगकर्ताओं के लिए और अधिक पर्सनलाइज्ड सिरी लाने की हमारी पहल का नेतृत्व कर रहे हैं.

जॉन जियानानड्रिया कौन हैं?

अमर जिन जॉन जियानानड्रिया की जगह लेंगे, उन्होंने गूगल में एआई और सर्च डिवीजन की कमान संभाली थी. वे 2018 में एप्पल से जुड़े थे. उन्हें सिरी को और बेहतर बनाने और एप्पल की एआई रणनीति को दिशा देने के लिए नियुक्त किया गया था. एप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा- हम जॉन के योगदान के लिए उनके आभारी हैं. उन्होंने हमारे एआई कार्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और एप्पल को नवाचार जारी रखने में मदद की. एआई लंबे समय से एप्पल की रणनीति का मुख्य हिस्सा रहा है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जियानानड्रिया 2026 में मार्च-अप्रैल तक एप्पल में सलाहकार की भूमिका निभाते रहेंगे. इसके बाद वह सेवानिवृत्ति लेने की योजना बना रहे हैं. उनकी बनाई गई विश्वस्तरीय टीम ने कई महत्वपूर्ण एआई तकनीकों को विकसित और लागू किया. यह टीम वर्तमान में एप्पल फाउंडेशन मॉडल्स, सर्च और नॉलेज, मशीन लर्निंग रिसर्च और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करती है. अब इसकी कमान अमर सुब्रमण्य के हाथ में होगी. 

प्रभात खबर पॉडकास्ट में रवि शास्त्री 7 दिसंबर को.

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