कोलंबिया में सोमवार ( 10 अगस्त) को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 224 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 900 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. भूकंप के बाद पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल है और 3,000 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. राहत और बचाव टीमें लगातार मलबे में जिंदगी तलाश रही हैं.भूकंप से हुए भारी नुकसान को देखते हुए कोलंबिया में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है.
1,500 से ज्यादा घर तबाह
भूकंप की वजह से कोलंबिया के कई हिस्सों में इमारतें ढह गईं. रिपोर्ट के मुताबिक, 1,500 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह तबाह हो गए हैं. सबसे ज्यादा मौतें पश्चिमी हिस्से के कैली, पेरेइरा, मनीजालेस और क्विब्डो शहरों में हुई हैं. कई इलाकों में सड़कें और दूसरी इमारतें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.
भूकंप के बाद मंगलवार (11 अगस्त) को बचाव अभियान दूसरे दिन में प्रवेश कर गया. आपातकालीन टीमें ढही हुई इमारतों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार काम कर रही हैं. पुलिस, सेना और स्थानीय स्वयंसेवक भी राहत अभियान में जुटे हैं. कई जगहों पर भारी मशीनों से मलबा हटाया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर बचावकर्मी अपने हाथों से भी मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं.
सुबह 7:10 बजे आया जोरदार झटका
कोलंबिया की जियोलॉजिकल सर्विस के मुताबिक, भूकंप सोमवार सुबह करीब 7:10 बजे आया. भूकंप का केंद्र चोको प्रांत में जमीन के करीब 103 किलोमीटर नीचे बताया गया है. तेज झटकों के कारण कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
कैली में अस्पताल का हिस्सा ढहा
कैली में कम से कम 85 लोगों की मौत की खबर है, यहां कई इमारतें ढह गईं या बेहद अस्थिर हो गईं. एक अस्पताल के कुछ हिस्से, जिसमें बच्चों के इलाज के लिए बने वार्ड भी शामिल थे, ढह गए. मरीजों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा और करीब 600 लोगों का इलाज खुले में करने की नौबत आ गई.
पेरेइरा में 66 मौतें
पेरेइरा में भी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. अधिकारियों के अनुसार यहां 66 लोगों की मौत हुई है और कई रिहायशी इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. भूकंप के दौरान शहर का एयरपोर्ट भी जोरदार तरीके से हिलता दिखाई दिया. कई जगहों पर छत के हिस्से गिरने की जानकारी सामने आई है.
1999 की तबाही की यादें ताजा
कोलंबिया में आए इस भूकंप ने लोगों को 1999 की विनाशकारी भूकंप त्रासदी की याद दिला दी है. उस भूकंप में 1,000 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी. अब एक बार फिर हजारों लोगों के लापता होने और बड़ी संख्या में इमारतों के क्षतिग्रस्त होने से पूरे देश की नजर राहत और बचाव अभियान पर टिकी है. मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं.
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