पाक अदालत ने कोहिनूर पर केंद्र और पंजाब सरकार से लिखित जवाब मांगा

लाहौर : पाकिस्तान की एक अदालत ने ब्रिटेन से मशहूर कोहिनूर हीरे को वापस लाने की मांग संबंधी याचिका पर संघीय और पंजाब की प्रांतीय सरकारों को लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इस बहुमूल्य हीरे को वापस लाने के लिए भारत वर्षों से प्रयास करता रहा है. नवाज शरीफ सरकार को 105.6 […]

लाहौर : पाकिस्तान की एक अदालत ने ब्रिटेन से मशहूर कोहिनूर हीरे को वापस लाने की मांग संबंधी याचिका पर संघीय और पंजाब की प्रांतीय सरकारों को लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. इस बहुमूल्य हीरे को वापस लाने के लिए भारत वर्षों से प्रयास करता रहा है.

नवाज शरीफ सरकार को 105.6 कैरेट के हीरे को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से वापस लाने के लिए निर्देश देने संबंधी याचिका पर एक संघीय विधि अधिकारी ने कल लाहौर उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखा. विधि अधिकारी ने कहा कि याचिकाकर्ता की कहानी के अनुसार हीरे को लाहौर से ब्रिटेन ले जाया गया इसलिए पंजाब सरकार ही अदालत को तथ्यों से अवगत करा सकती है.
पंजाब सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने तर्क दिया कि याचिका विचारार्थ स्वीकार्य नहीं है क्योंकि याचिकाकर्ता इस मामले में ‘पक्ष’ नहीं है. लाहौर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति खालिद महमूद खान ने दोनों तर्कों पर खास गौर नहीं किया.
न्यायाधीश ने अगली सुनवाई के दिन संघीय और प्रांतीय सरकारों को लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. बैरिस्टर जावेद इकबाल जाफरी ने अपनी याचिका में कहा कि अंग्रेजों ने महाराजा रणजीत सिंह के पोते दलीप सिंह से हीरा हडप लिया था. याचिका में कहा गया है कि कोहिनूर पंजाब प्रांत की सांस्कृतिक विरासत है और वास्तव में वह यहां के निवासियों का है.
याचिका में अदालत से यह आग्रह किया गया है कि वह संघीय सरकार को ब्रिटेन से हीरा वापस पाकिस्तान लाने का निर्देश दे. भारत का कहना है कि कोहिनूर को अवैध तरीके से हासिल किया गया था और वह मांग करता रहा है कि औपनिवेशिक शासन के दौरान लूटे गये अन्य खजाने के साथ इसे वापस किया जाना चाहिए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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