अमेरिका के शिकागो स्थित 'साउथ शिकागो चैपल' फ्यूनरल होम से एक खौफनाक मामला सामने आया है. जांच अधिकारियों ने बृहस्पतिवार (6 अगस्त ) को छापेमारी के दौरान वहां से लगभग 56 लोगों के शव बरामद किए हैं, जो बेहद दयनीय और अमानवीय स्थिति में पाए गए. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, फ्यूनरल होम के आसपास पिछले कई महीनों से एक बेहद तेज और असहनीय बदबू फैल रही थी. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब कुक काउंटी मेडिकल एग्जामिनर कार्यालय, पुलिस और फॉरेंसिक पैथोलॉजिस्ट्स की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए.
इलिनोइस राज्य के वित्तीय और व्यावसायिक विनियमन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, फ्यूनरल होम में शवों को बिना किसी प्रशीतन (कोल्ड स्टोरेज/रेफ्रिजरेशन) के खुले में छोड़ दिया गया था. इस गंभीर लापरवाही के कारण वहां शव तेजी से सड़ने लगे और पूरे परिसर में चूहों व कीड़ों (मग्गोट्स) का भयंकर संक्रमण फैल गया. अधिकारियों ने स्थिति को अत्यंत भयानक और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा करार दिया है. इस घोर लापरवाही को देखते हुए राज्य प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फ्यूनरल होम की डायरेक्टर का लाइसेंस निलंबित कर दिया है.
मालिकों का विवादित इतिहास: पहले भी हो चुका है लाइसेंस रद्द
बिजनेस रिकॉर्ड्स से खुलासा हुआ है कि जोहाना मॉर्गन ने साल 2022 में 'साउथ शिकागो चैपल इंक' की शुरुआत की थी. वह और उनके पति क्लार्क मॉर्गन पहले भी इस तरह की गंभीर अनियमितताओं में शामिल रहे हैं. इससे पहले वे शिकागो हाइट्स में एक क्रेमेटोरी (शवदाह गृह) चलाते थे, जिसका लाइसेंस पिछले साल इसी तरह शवों को अनुचित तरीके से रखने और परिजनों को सैकड़ों लोगों की अस्थियां न सौंपने के कारण रद्द कर दिया गया था. इसके अलावा, क्लार्क मॉर्गन का फ्यूनरल डायरेक्टर लाइसेंस भी साल 2024 में ही रद्द किया जा चुका था.
आपराधिक जांच शुरू, परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी
मेडिकल एग्जामिनर की टीम फिलहाल बरामद शवों की स्थिति का मूल्यांकन करने के साथ-साथ उनके मृत्यु प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों के जरिए पहचान स्थापित करने में जुटी हुई ह.। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही शवों के परिजनों को सूचित किया जाएगा. दूसरी ओर, शिकागो पुलिस की डिटेक्टिव टीम ने इस पूरे मामले में आपराधिक जांच शुरू कर दी है. अपने परिजनों के अंतिम संस्कार में हुई इस घिनौनी और अपमानजनक लापरवाही की खबर मिलते ही पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोश और शोक का माहौल है.
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