काठमांडो : नेपाल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल ऐतिहासिक ढांचों और स्मारकों को पर्यटकों तथा आम लोगों के लिए 17 अगस्त से खोलने की योजना बना रहा है क्योंकि ऐसे सिर्फ 15 फीसदी स्थल ही हालिया विनाशकारी भूकंप में क्षतिग्रस्त हुए हैं.
हनुमानधोखा दरबार स्क्वायर, पाटन दरबार स्क्वायर, भक्तपुर दरबार स्क्वायर, स्वयंभूनाथ बौद्धनाथ, पशुपतिनाथ और चंगुनारायण क्षेत्र ऐसे बडे स्थल हैं, जहां पर्यटक पहुंचते हैं.
24 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप के बाद से नेपाल आने वाले पर्यटकों की संख्या अचानक घट गई है. भूकंप से 9,000 से अधिक लोगों की मौत हुई. हालांकि, सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि विश्व धरोहर स्थलों का केवल 15 प्रतिशत ही भूकंप से क्षतिग्रस्त हुआ.
इस बीच नेपाल में आज भूकंप के दो झटके महसूस किए गए. इनमें एक झटके की तीव्रता 4. 5 थी जिसका केंद्र सिंधुपालचौक जिला था. यह दोपहर एक बजकर 37 मिनट (स्थानीय समय) पर आया.
राष्ट्रीय भूकंपविज्ञान केंद्र के मुताबिक 4. 1 की तीव्रता वाला दूसरा झटका तडके पौने तीन बजे (स्थानीय समय) आया था. इसका केंद्र भी सिंधुपालचौक जिला था.
