मध्यपूर्व की परमाणु योजना पर अप्रसार वार्ताएं विफल

संयुक्त राष्ट्र: अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन द्वारा मध्यपूर्व में एक परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्र बनाने की योजना का विरोध किए जाने के बाद परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर आधारित वार्ताएं बिना किसी समझौते के खत्म हो गईं. परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की समीक्षा के लिए एक माह लंबे सम्मेलन में 150 से ज्यादा देशों ने […]

संयुक्त राष्ट्र: अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन द्वारा मध्यपूर्व में एक परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्र बनाने की योजना का विरोध किए जाने के बाद परमाणु अप्रसार के मुद्दे पर आधारित वार्ताएं बिना किसी समझौते के खत्म हो गईं.

परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की समीक्षा के लिए एक माह लंबे सम्मेलन में 150 से ज्यादा देशों ने भाग लिया था. इस संधि का उद्देश्य परमाणु हथियार और तकनीक के प्रसार को रोकना है.
लेकिन अगले पांच साल तक की कार्ययोजना का निर्धारण करने वाले एक अंतिम दस्तावेज पर वार्ताएं कल एक प्रावधान को लेकर अवरुद्ध हो गईं. यह प्रावधान मार्च 2016 तक एक सम्मेलन आयोजित कराने से जुडा था जिसमें मध्यपूर्व में परमाणु हथियारों से मुक्त एक क्षेत्र का निर्माण किया जाना था. इस्राइल हालांकि एनपीटी का सदस्य नहीं है लेकिन वह सम्मेलन में बतौर पर्यवेक्षक मौजूद था. उसने इस प्रस्ताव का विरोध किया.
अमेरिकी हथियार नियंत्रण अवर सचिव रोज गोटेमोलर ने एनपीटी सम्मेलन में कहा कि सम्मेलन आयोजित करने से जुडे प्रावधान ‘‘हमारी दीर्घकालीन नीतियों से मेल नहीं खाते.’’उन्होंने तर्क दिया कि ‘‘सभी संलिप्त देशों की सहमति के अभाव में’’ प्रस्तावित परमाणु हथियार-मुक्त क्षेत्र की सफलता की संभावना नहीं दिखती. यहां उनका इशारा इस्राइल के विरोध से था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >