इस्लामाबाद : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए लोगों के शवों को दुर्घटनास्थल से आज यहां लाया गया. इनमें पाकिस्तान में फिलीपीन और नॉर्वे के राजदूतों एवं मलेशिया तथा इंडोनेशिया के राजदूतों की पत्नियों के शव शामिल हैं.
राजनयिकों को लेकर जा रहा सेना का एमआई-17 हेलिकॉप्टर कल पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र की नतलार घाटी में दुर्घटनाग्रस्त होकर एक स्कूल में गिरा था और उसमें आग लग गई थी. इस हादसे में सेना के दो पायलट और चालक दल का एक सदस्य भी मारे गए थे.
पाकिस्तान के सरकारी टीवी चैनल ने दिखाया कि गिलगित-बाल्टिस्तान की राजधानी गिलगित से सात पीडितों के शवों को तीन हेलिकॉप्टरों के जरिए रावलपिंडी के नूर खान हवाईअड्डे लाया गया. इस दौरान सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ, वायु सेना प्रमुख एयर मार्शल सोहेल अमन, वरिष्ठ असैन्य एवं सैन्य अधिकारी, राजनयिक और पीडितों के रिश्तेदार वहां मौजूद थे.
घायलों को सी-130 से लाया गया और पोलैंड के राजदूत आंद्रजेज एनामिक्ज, उनकी पत्नी, डच राजदूत मार्सेल डि विंक और मलेशियाई उच्चायुक्त को इस विमान से लाया गया. ऐसा बताया जा रहा है कि इंडोनेशिया के राजदूत बुरहान मोहम्मद की हालत गंभीर है और वह 75 प्रतिशत झुलस गए हैं.
पाकिस्तानी सेना के जवानों ने ताबूतों को मृतकों के देशों के झंडों में लपेटा और सैन्य बलों के दल ने उन्हें सलामी दी. पाकिस्तान ने आज शोक दिवस घोषित किया है और राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाया गया है.
विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी ने बताया कि शवों को आगामी दो से तीन दिन में पीडितों के देशों में भेजने की तैयारी की जा रही है. मृतकों के परिजन शव लेने के लिए पाकिस्तान आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि घायलों को उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि 30 से अधिक देशों के राजनयिक उस 57 सदस्यीय समूह का हिस्सा थे जो तीन दिवसीय यात्रा के लिए नलतर जा रहा था.
दुर्घटना के समय शरीफ भी विमान से नलतर जा रहे थे लेकिन इस हादसे की दु:खद खबर के बाद उनके विमान को उसका मार्ग बदलकर वापस इस्लामाबाद भेज दिया गया.
शरीफ ने कैबिनेट मंत्रियों को शवों के साथ भेजा. उन्होंने नॉर्वे और मलेशिया के प्रधानमंत्रियों से भी फोन पर बात की और उनके नागरिकों के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया.
तालिबान ने इस हेलिकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया है और कहा है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ उसके निशाने पर थे. हालांकि विदेश सचिव चौधरी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इंजन में गडबडी के कारण यह हादसा हुआ.
