गारिसा : केन्या के एक विश्वविद्यालय में सोमालिया के शबाब आतंकवादियों के हमले में 147 लोगों की मौत के बाद पीडित परिवारों के लोग आज अपने प्रियजनों के शवों की तलाश करते देखे गए. इस हमले के बाद पूरा केन्या शोकाकुल है.
गारिसा विश्वविद्यालय पर कल एक दिन का बंधक संकट और फिर भीषण रक्तपात हुआ. यह 1998 में नैरोबी स्थित अमेरिका दूतावास पर बम धमाकों के बाद केन्या में हुआ दूसरा सबसे जधन्य हमला है. केन्या की सरकार ने आज दो टूक कहा है कि वह धमकी में नहीं आने वाली है.
इस हमले में जिंदा बचे लोगों ने उस खौफ के मंजर को बयां किया कैसे नकाबपोश बंदूकधारियों ने छात्रों की हत्या करने से पहले उनका उपहास बनाया. आतंकवादियों ने छात्रों को अपने माता-पिता को फोन कर यह आग्रह करने के लिए मजबूर किया कि वे सोमालिया से केन्याई सैनिकों को हटाए जाने का आह्वान करें.
इन आतंकवादियों ने जब गोलीबारी शुरु की तो कई छात्रों ने अपने दोस्तों के शरीर से निकला खून अपने शरीर पर पोत लिया ताकि यह लगे कि उनको भी गोली लग चुकी है.
घायलों की मदद करने वाले सहायताकर्मी रुबेन नयाओरा ने कहा, चारों तरफ शव बिखरे थे. हमने ऐसे लोगों को भी देखा जिनके सिर उड़ चुके थे. चारो तरफ घायल कराह रहे थे. बहुत भयावह हालात थे.
