Iran Warns Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है. ट्रंप की तेल पाइपलाइनों को उड़ाने की धमकी के बाद ईरान के उपराष्ट्रपति एस्माइल सगब एसफहानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुली चेतावनी दी है. एसफहानी ने कहा कि अगर ईरान के तेल के कुओं या इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाया गया, तो वे अमेरिका का साथ देने वाले खाड़ी देशों में चार गुना ज्यादा तबाही मचाएंगे. उन्होंने इसे ‘ईरानी गणित’ बताते हुए लिखा कि हमारा हिसाब अलग है: 1 तेल का कुआं = 4 तेल के कुएं.
ट्रंप ने दी थी पाइपलाइन उड़ाने की चेतावनी
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रविवार को फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी धमकी दी. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर डील नहीं मानी, तो वे उनकी तेल पाइपलाइनों को बम से उड़ा देंगे. ट्रंप का मानना है कि तेल निर्यात रुकने से ईरान की अर्थव्यवस्था और पाइपलाइनें खुद-ब-खुद खराब हो जाएंगी.
‘सप्लाई और डिमांड’ का खेल: ईरान की बड़ी चाल
ईरान की संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ ने भी ट्रंप को चुनौती देते हुए कहा कि अगर ट्रंप के पास चालें हैं, तो ईरान के पास भी पूरे पत्ते हैं. गालिबाफ ने एक गणितीय समीकरण के जरिए समझाया कि ईरान के पास ‘सप्लाई कार्ड्स’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, बाब अल मन्देब और पाइपलाइनें) हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने स्ट्रैट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद कर दिया, तो अमेरिका में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी. यह सब 3 नवंबर 2026 को होने वाले अमेरिकी मिड-टर्म चुनावों से ठीक पहले ट्रंप के लिए भारी पड़ सकता है.
रूस और पाकिस्तान के साथ ईरान की मीटिंग
तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे, जहां वे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे. इससे पहले अराघची ने पाकिस्तान (इस्लामाबाद) और ओमान (मस्कट) का दौरा किया. ईरानी सरकारी मीडिया एजेंसी IRNA के अनुसार, अराघची ने पाकिस्तान में अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने की शर्तों पर चर्चा की. वहीं ओमान के साथ स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में समुद्री सुरक्षा और वहां फंसे नाविकों को छुड़ाने पर बात हुई है.
ये भी पढ़ें: ‘मिनाब 168’ विमान से पुतिन से मिलने रूस पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री, क्या अब रुकेगी मिडल ईस्ट जंग?
इजरायल और हिजबुल्लाह में फिर शुरू हुई जंग
दूसरी तरफ, लेबनान में अप्रैल के बीच से लागू हुए युद्धविराम की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं. इजरायली सेना ने दावा किया है कि दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान उनका एक सैनिक मारा गया है. वहीं, हिजबुल्लाह ने इजरायल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके हमले सिर्फ इजरायल की ओर से किए जा रहे उल्लंघन का जवाब हैं. ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी ने भी अपील की है कि समुद्री रास्तों पर आवाजाही को सुरक्षित रखा जाए.
ये भी पढ़ें: ईरान का पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को नया ऑफर; दिया टू-स्टेज प्लान, क्या खुलेगा होर्मुज?
