लुसाने: ईरान और विश्व के कुछ अन्य प्रमुख देश स्विट्जरलैंड में लंबी वार्ता के बाद तेहरान के परमाणु अभियान पर नियंत्रण के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समझौते की रुपरेखा पर आज सहमत हो गये. ईरान और पश्चिमी देशों के बीच 12 साल से चल रहे गतिरोध में इसे बडी सफलता माना जा सकता है. पश्चिमी देशों को आशंका रही है कि तेहरान एक परमाणु बम बनाना चाहता है.
ईरान, वैश्विक महाशक्तियों ने ऐतिहासिक समझौते की रुपरेखा पर सहमति जताई
लुसाने: ईरान और विश्व के कुछ अन्य प्रमुख देश स्विट्जरलैंड में लंबी वार्ता के बाद तेहरान के परमाणु अभियान पर नियंत्रण के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समझौते की रुपरेखा पर आज सहमत हो गये. ईरान और पश्चिमी देशों के बीच 12 साल से चल रहे गतिरोध में इसे बडी सफलता माना जा सकता है. पश्चिमी […]

यूरोपीय संघ में विदेश नीति प्रमुख फेड्रिका मोघरिनी ने आठ दिन की वार्ता के बाद कहा कि ईरान ने कठिन पाबंदियों को हटाने के बदले परमाणु कार्यक्रम पर लगाम कसने पर सहमति जता दी है. आज समझौते की जिस रुपरेखा पर सहमति बनी उसे 30 जून तक एक व्यापक समझौते के तौर पर अंतिम रुप दिया जाएगा.
अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने इसे बडा दिन बताया वहीं ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने कहा कि पूर्ण समझौते का मसौदा तैयार करने की 30 जून की समयसीमा के मद्देनजर इस काम को तत्काल शुरु किया जाएगा. केरी ने ट्वीट किया कि वैश्विक महाशक्तियों और ईरान के पास अब परमाणु कार्यक्रम पर प्रमुख मुद्दों के समाधान के मानदंड हैं. अंतिम समझौते पर काम करने के लिए जल्दी पहल करेंगे.
मोघरिनी ने ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि एक नये संयंत्र की डिजाइन बदली जाएगी ताकि हथियारों में इस्तेमाल हो सकने वाले प्लूटोनियम का उत्पादन नहीं हो.
एक पर्वतीय क्षेत्र में अंदर की ओर बनाये गये ‘द फोडरे’ केंद्र को खुला रखा जाएगा लेकिन इसका इस्तेमाल अनुसंधान और विकास के लिए होगा. मोघरिनी ने कहा कि बदले में संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के सत्यापन के बाद अमेरिका और यूरोपीय संघ की परमाणु संबंधित पाबंदियों को हटाया जाएगा.