सीन-ले-आल्प्स : पुलिस और कई विशेषज्ञ बचावकर्मी जर्मनविंग्स विमान के दुर्घटनास्थल पर आज चौथे दिन भी दूसरे ब्लैक बाक्स की तलाश कर रहे है.
अधिकारी शरीरों के अंग और डीएनए के नमूने भी एकत्र कर रहे हैं. इससे हादसे में मारे गए 150 लोगों की पहचान में मदद मिलेगी. पुलिस प्रवक्ता के अनुसार बरामदगी अभियान में दो हफ्ते तक लग सकते हैं.
दुर्घटनास्थल पर 15 विशेषज्ञ काम कर हैं. उनमें से 10 डीएनए नमूने एकत्र करने के लिए हैं. इसके अलावा पांच खुफिया अधिकारी भी हैं जो कानूनी जांच कर रहे हैं.
इस बीच करीब 40 विशेषज्ञ दुर्घटनास्थल से एकत्र किए गए डीएनए नमूनों पर काम कर रहे हैं तथा परिवारों से लिए गए नमूनों से उनका मिलान कर रहे हैं.
एक स्थानीय इमारत को जैविक विश्लेषण इकाई में बदल दिया गया है. अधिकतर शोकसंतप्त परिवार दुर्घटना स्थल से लौट गए हैं. फ्रांसीसी अभियोजनकों ने कल कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि सह-पायलट विमान को नष्ट करना चाहता था. जर्मन चांसलर एंजिला मर्केल ने इस घटना को अकल्पनीय बताया.
इस दुर्घटना में मारे गए लोगों में 75 जर्मनी के थे जबकि कम से कम 50 लोग स्पेन के थे. फ्रांसीसी प्रधानमंत्री मैनुअल वाल्स ने कहा, हर चीज ऐसे कृत्य की ओर इशारा कर रही है जिसका हम वर्णन नहीं कर सकते. आपराधिक, पागलपान और आत्मघाती.
इस बीच जर्मन पुलिस ने विमान के सह..पायलट आंद्रेस लुबित्ज के घर की तलाशी ली और कहा कि घर से कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी शहर दसेल्दोर्फ में लंबित्ज के फ्लैट की तलाशी ली गयी और कई वस्तुएं जब्त की गयीं लेकिन अब तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिससे उसके इरादे के बारे में कुछ जानकारी मिलती हो.
उधर एक जर्मन समाचार पत्र की एक रिपोर्ट के अनुसार सह-पायलट गंभीर अवसाद से ग्रस्त था. इस रिपोर्ट से यह सवाल पैदा हो गया है कि उसे विमान उडाने की अनुमति कैसे दी गयी.
उसके पडोसियों और सहयोगियों का कहना है कि वह फिटनेस को लेकर कुछ ज्यादा ही गंभीर रहता था. बिल्ड डेली की रिपोर्ट के अनुसार लुबित्ज ने 2009 में मनोचिकित्सों की मदद ली थी और वह अब भी डाक्टरों से सहायता ले रहा था और उसका इलाज चल रहा था. रिपोर्ट में जर्मन के हवाई यातायात नियामक के दस्तावेजों का भी हवाला दिया गया है.
