वाशिंगटन : अमेरिका में आये दिन सिखों और हिंदुओं के खिलाफ हमले होना आम बात हो गयी थी. 9/11 के हमले के बाद अमेरिका में रह रहे सिखों के लिए मुसीबतें और बढ़ गयी थीं. हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार, अमेरिका के अधिकांश लोगों को सिख धर्म के बारे में पता नहीं है.
इसी वजह से हमला करने वाले लोग अक्सर सिखों को मुसलमान समझकर हमला करते रहे हैं. अलकायदा के अन्य नेताओं और ओसामा बिन लादेन की तस्वीर में दाढ़ी होने की वजह से अमेरिकी नागरिकों को ये धोखा होने की बात सामने आई थी.
इसके अलावा हाल के कुछ दिनों में वहां हिंदुओं पर भी हमलों की बात सामने आई है. कई हिन्दू मंदिरों की दीवार पर भी नफरत फ़ैलाने वाले सन्देश देखने को मिले थे, जिसकी वजह से अमेरिकी प्रशासन दबाव में था.
सिखों, हिंदुओं और अरब अमेरिकियों के खिलाफ घृणा अपराध एफबीआई की ट्रैकिंग सूची में शामिल किए गए हैं. इस कदम का अल्पसंख्यक समुदाय ने स्वागत किया है जिन्हें 9/11 हमलों के बाद निशाना बनाया जाता रहा है.
वर्ष 2013 में हिंदू अमेरिकी, सिख अमेरिकी और अरब अमेरिकियों के खिलाफ घृणा अपराधों की ट्रैकिंग के लिए एफबीआई के राजी होने के बाद से न्याय विभाग ने यह ताजा जानकारी मुहैया की है.
देश में हिंदुओं के खिलाफ घृणा अपराध की घटनाएं बढने के बीच यह कदम उठाया गया है. इस कदम का अल्पसंख्यक समुदायों और शीर्ष अमेरिकी सांसदों ने स्वागत किया है जो पिछले कई साल से इसके लिए अभियान चला रहे थे.
