मोदी ने श्रीलंकाई संसद को किया संबोधित, वीजा नियमों में ढील सहित चार समझौतों पर हस्ताक्षर

कोलंबो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज श्रीलंका का महत्वपूर्ण दौरा शुरु करते हुए यह संदेश दिया कि भारत शांति और समन्वय की अपनी ‘‘नई यात्रा’’ में तमिलों के लिए समानता, न्याय, शांति और गरिमापूर्ण जीवन का समर्थन करता है. गौरतलब है कि पिछले 28 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है.इससे […]

कोलंबो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज श्रीलंका का महत्वपूर्ण दौरा शुरु करते हुए यह संदेश दिया कि भारत शांति और समन्वय की अपनी ‘‘नई यात्रा’’ में तमिलों के लिए समानता, न्याय, शांति और गरिमापूर्ण जीवन का समर्थन करता है.

गौरतलब है कि पिछले 28 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है.इससे पहले राजीव गांधी ने 1987 में इस द्वीपीय देश का दौरा किया था और उनके दौरे के बाद दोनों देशों के संबंधों में कई मोड आए हैं और चीन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया है.

मोदी ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना से मुलाकात करके श्रीलंका के समग्र भविष्य के निर्माण के लिए उनके प्रयासों की ‘‘सराहना’’ की.हालांकि मोदी ने यह स्पष्ट किया कि लिट्टे के खिलाफ तीन दशकों तक जंग लडने वाले श्रीलंका की ‘‘एकता और अखंडता’’ भारत के लिए ‘‘सर्वोपरि’’ है.

मोदी ने श्रीलंकाई संसद में अपने संबोधन में कहा, ‘‘यह हमारे हित में निहित है. यह इस सिद्धांत में हमारे अपने मौलिक विचारों से पैदा होता है.’’ दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तरीय मुलाकात की जिसके बाद वीजा नियमों में ढील देने सहित चार समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये.

आपसी आर्थिक संबंधों को आगे बढाने की अपनी इच्छा जताते हुए दोनों देशों ने उत्पाद शुल्क सहयोग पर एक समझौते के तहत दोनों पक्षों पर गैरशुल्क बाधाएं कम करने तथा कारोबार आसान बनाने के लिए कदम उठाए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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