अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे करीब 30 भारतीयों को गिरफ्तार किया गया है, जो कमर्शियल ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे थे. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि एरिजोना में चलाए गए ‘ऑपरेशन चेकमेट’ के दौरान 52 अवैध प्रवासियों को पकड़ा गया, जिनमें 36 लोग ट्रक चलाते मिले. जांच में करीब 30 लोग भारतीय निकले. अधिकारियों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें जल्द ही भारत वापस भेज दिया जाएगा.
गिरफ्तार किए गए इन अवैध ट्रक ड्राइवर में 30 भारत से हैं जबकि बाकी छह मेक्सिको, अल सल्वाडोर और रूस से हैं. उनके पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों के कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस थे जबकि कुछ के पास किसी भी तरह का ड्राइवर लाइसेंस नहीं था. इनमें से अधिकतर लोगों के पास ऐसे रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज (Employment Authority Document) थे जो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के नेतृत्व वाले प्रशासन के दौरान हासिल किए गए थे और अब वैध नहीं हैं.
‘ऑपरेशन चेकमेट’ का मकसद क्या है?
‘ऑपरेशन चेकमेट’ का मकसद उन लोगों की पहचान करना है जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं और कमर्शियल गाड़ी चला रहे हैं. इस अभियान के तहत ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर आव्रजन कानूनों को लागू किया जाता है, ताकि सड़कों और सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके. अमेरिकी सीमा गश्त के युमा सेक्टर के कार्यवाहक प्रमुख डस्टिन कॉडल ने कहा कि ‘ऑपरेशन चेकमेट’ का मकसद सड़कों और लोगों को सुरक्षित रखना है. उन्होंने कहा कि जो लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में रहकर कमर्शियल गाड़ी चलाते हैं, वे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई जरूरी है.
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन मामले पर सख्त
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को निर्देश दिया है कि अयोग्य विदेशी नागरिकों को कमर्शियल ट्रक और बस चलाने का लाइसेंस न दिया जाए. यह कदम सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. पिछले कुछ महीनों में भारतीय मूल के कई ट्रक ड्राइवरों पर अमेरिका में कमर्शियल गाड़ी चलाते समय हादसे करने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई के मामले भी सामने आए हैं.
